...तो आएगी वर्धा जिला कार्यालय पर जब्ती की नौबत, जमीन अधिग्रहण मामले में किसान को करना होगा एक माह में भुगतान

Wardha Compensation Case: वर्धा के मोरांगणा में जमीन अधिग्रहण के बढ़े हुए 77.96 लाख रुपये मुआवजे का भुगतान नहीं होने पर जिलाधिकारी कार्यालय की जब्ती की नौबत आई।
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वर्धा मुआवजा मामला(सोर्सः सोशल मीडिया)
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Wardha Land Acquisition: वर्धा जिले के आर्वी तहसील के मोरांगणा में बांध निर्माण के लिए अधिग्रहित की गई किसान की जमीन का बढ़ा हुआ मुआवजा नहीं दिए जाने पर गुरुवार, 3 सितंबर को न्यायालय के आदेश पर जिलाधिकारी कार्यालय की जब्ती की कार्रवाई की नौबत आ गई। न्यायालय के कर्मचारी आदेश की अमलदारी के लिए जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया।

दोपहर 4 बजे तक अधिकारियों के बीच किसान को मुआवजे की राशि देने को लेकर चर्चा चलती रही। अंततः मृद व जलसंधारण विभाग की ओर से एक माह के भीतर बढ़ा हुआ मुआवजा देने का लिखित आश्वासन दिए जाने और वाघमारे परिवार द्वारा सहमति जताने के बाद जब्ती की कार्रवाई टल गई।

मोरांगणा जमीन अधिग्रहण मामला

विनायक किसन वाघमारे की मोरांगणा स्थित 1.5 हेक्टेयर कृषि भूमि बांध निर्माण के लिए अधिग्रहित की गई थी। उस समय मृद व जलसंधारण विभाग की ओर से जमीन का नाममात्र मुआवजा दिए जाने पर उन्होंने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। यह मामला प्रारंभ में वर्धा न्यायालय में चला, जहां मार्च 2025 में न्यायालय ने किसान के पक्ष में फैसला सुनाया। इसी दौरान विनायक वाघमारे का निधन हो गया।

एक माह में भुगतान का आश्वासन

इसके बाद भी वाघमारे परिवार को अधिग्रहित जमीन का बढ़ा हुआ मुआवजा नहीं मिलने पर परिवार ने फिर न्यायालय की शरण ली। अधि. विजय चोरे ने वाघमारे परिवार की ओर से न्यायालय में प्रभावी पैरवी की। इसके बाद आर्वी के दिवानी न्यायाधीश वरिष्ठ स्तर ने मृद व जलसंधारण विभाग द्वारा वाघमारे परिवार को 77 लाख 96 हजार 363 रुपये का भुगतान नहीं किए जाने को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी कार्यालय के विरुद्ध जब्ती का आदेश जारी किया।

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वर्धा में डीएम कार्यालय की जब्ती का आदेश

इसी आदेश की अमलदारी के लिए गुरुवार को आर्वी न्यायालय के बेलीफ विश्वनाथ महल्ले तथा विनायक वाघमारे के पुत्र हेमंत वाघमारे सुबह करीब 11.30 बजे जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने जिलाधिकारी वान्मथी सी. को न्यायालय के आदेश की जानकारी दी। इसके बाद मामला उपजिलाधिकारी संजीव जाधवार के पास पहुंचा। उन्होंने तत्काल मृद व जलसंधारण विभाग की उपकार्यकारी अभियंता निकीता देशमुख को जिलाधिकारी कार्यालय बुलाया।

1 माह में भुगतान का लिखित आश्वासन

इसके बाद अधिकारियों के बीच किसान को बढ़े हुए मुआवजे की राशि देने के संबंध में करीब शाम 4 बजे तक चर्चा चलती रही। सकारात्मक बातचीत के बाद मृद व जलसंधारण विभाग के अधिकारियों ने एक माह के भीतर वाघमारे परिवार को बढ़ा हुआ मुआवजा देने का लिखित आश्वासन दिया। परिवार ने इस आश्वासन पर सहमति जताई, जिसके बाद जिलाधिकारी कार्यालय की जब्ती की कार्रवाई फिलहाल टल गई।

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