Akola Food Supply Department: राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के तहत पात्र लाभार्थियों को अनाज का लाभ सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत अकोला जिले में निर्धारित आय सीमा से अधिक आय वाले 15,576 अपात्र राशन लाभार्थियों की पहचान की गई है।
इन लाभार्थियों का राशन अनाज 1 अक्टूबर 2026 से बंद करने के निर्देश दिए गए हैं। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ लेने के लिए शहरी क्षेत्र में वार्षिक आय 59,000 रु. और ग्रामीण क्षेत्र में 44,000 रु. के भीतर होना अनिवार्य है। निर्धारित सीमा से अधिक आय वाले परिवारों को योजना से बाहर किया जा रहा है।
राशन कार्ड को आधार कार्ड से जोड़े जाने के कारण राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) के पास नागरिकों की आर्थिक और अन्य जानकारी का सांख्यिकीय डेटा उपलब्ध है। इसी आधार पर अन्न व नागरिक आपूर्ति विभाग ने अपात्र लाभार्थियों की पहचान की है। इनमें कोषागार से वेतन लेने वाले सरकारी व अर्धसरकारी कर्मचारी, रेलवे और डाक विभाग के कर्मचारी तथा अपने नाम पर चारपहिया वाहन रखने वाले नागरिक शामिल हैं।
सरकार के इस निर्णय से अपात्र व्यक्तियों को मिलने वाला प्रति व्यक्ति 5 किलो अनाज बंद होगा। इससे नियमों के विपरीत राशन का लाभ लेने वालों पर रोक लगेगी और पात्र व जरूरतमंद नागरिकों तक अनाज पहुंचाने में मदद मिलेगी। जिला आपूर्ति अधिकारी रविद्र एन्नावार ने बताया कि अपात्र लाभार्थियों की खोज मुहिम आगे भी जारी रहेगी और नियमों के विरुद्ध लाभ लेने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन की ओर से राशन कार्ड धारकों से अपनी पात्रता और आय से संबंधित जानकारी की दोबारा जांच करने की अपील की जा सकती है। विभागीय स्तर पर डेटा की जांच के दौरान यदि किसी परिवार की आय निर्धारित सीमा से अधिक पाई जाती है या वह अन्य पात्रता मानदंडों को पूरा नहीं करता है, तो उसका नाम योजना से हटाया जा सकता है। प्रशासन का उद्देश्य खाद्यान्न वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाना और सरकारी योजना का लाभ वास्तविक पात्र परिवारों तक पहुंचाना है।