Sangram Jagtap On Shivaji Maharaj Statue Insult: महाराष्ट्र के अहिल्यानगर के कर्जत में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा के अपमान की घटना के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में बवाल मच गया है। इस घटना के विरोध में आयोजित 'रास्ता रोको' प्रदर्शन के बाद पुलिस ने विधायक संग्राम जगताप समेत 19 लोगों पर FIR दर्ज की है। इस कार्रवाई के बाद संग्राम जगताप ने पुलिस प्रशासन और राज्य सरकार के रवैये पर कड़े सवाल खड़े किए हैं और स्थानीय प्रशासन पर पक्षपात का आरोप लगाया है।
मीडिया से बात करते हुए संग्राम जगताप ने आरोप लगाया कि कर्जत की घटना के असली दोषियों को पकड़ने के बजाय पुलिस प्रशासन हिंदुत्ववादी कार्यकर्ताओं को परेशान करने में लगा है। उन्होंने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्तियों की सुरक्षा करने में पुलिस प्रशासन पूरी तरह से नाकाम साबित हुआ है। जगताप ने अहिल्यानगर में हुए धीरज परदेशी हत्याकांड का उदाहरण देते हुए पुलिस की कार्यशैली और ढिलाई पर कड़ा असंतोष व्यक्त किया।
सुनेत्रा पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के विधायक संग्राम जगताप ने कड़ा रुख अपनाते हुए दावा किया कि पिछले 8 महीनों में राज्य के भीतर लगभग 37 हिंदुओं की हत्या मुस्लिमों ने की हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि एक विशेष समुदाय के खिलाफ कार्रवाई करने में प्रशासन हिचकिचा रहा है, जबकि अपनी आस्था और महापुरुषों के सम्मान के लिए आवाज उठाने वाले हिंदू कार्यकर्ताओं पर मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं।
विधायक जगताप ने स्पष्ट किया कि उनके खिलाफ चाहे कितने भी मामले दर्ज कर लिए जाएं, हिंदू समाज की सुरक्षा और उनके अधिकारों की लड़ाई बिना रुके जारी रहेगी।
अपने बयान में और आक्रामकता लाते हुए विधायक संग्राम जगताप ने पुलिस और स्थानीय प्रशासन को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि प्रशासन उन्हें और उनके समर्थकों को मर्यादा लांघने पर मजबूर न करे। उन्होंने कहा कि पुलिस हमें छत्रपति शिवाजी महाराज की तलवार, भगवान राम का धनुष और भगवान हनुमान की गदा उठाने के लिए मजबूर न करे।
संग्राम जगताप ने घोषणा की है कि वे जल्द ही इस पूरे मामले, कानून व्यवस्था की स्थिति और हिंदुओं की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात करेंगे। वे प्रशासन के रवैये और कार्यकर्ताओं पर दर्ज मुकदमों की निष्पक्ष जांच की मांग करेंगे।