Shipra River Rescue: उज्जैन में लगातार हो रही बारिश का असर अब शिप्रा नदी पर भी दिखाई देने लगा है। नदी का जलस्तर करीब 2 से 3 फीट बढ़ गया है, जिससे रामघाट सहित कई घाटों पर बने छोटे-छोटे देवस्थल और पूजा स्थल पानी में डूब गए हैं। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन और एसडीआरएफ (SDRF) की टीम पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। घाटों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है और श्रद्धालुओं से सावधानी बरतने की अपील की जा रही है।
आज सुबह करीब 6 बजे रामघाट पर उस समय अफरा-तफरी मच गई जब उत्तर प्रदेश से आए तीन श्रद्धालु शिप्रा नदी में स्नान कर रहे थे। इसी दौरान प्रभात नामक युवक गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। उसे बचाने के लिए उसका साथी हर्ष भी आगे बढ़ा, लेकिन वह भी गहरे पानी में फंस गया। दोनों ने किसी तरह नदी में लगी फ्लोटिंग बॉल पकड़कर खुद को संभाले रखा, जबकि तीसरा श्रद्धालु भी खतरे की स्थिति में आ गया।
घटना की सूचना मिलते ही रामघाट पर तैनात एसडीआरएफ के जवान तुरंत नदी में उतरे और बिना समय गंवाए रेस्क्यू अभियान शुरू किया। जवानों ने तीनों श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। एसडीआरएफ की तत्परता और त्वरित कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया। मौके पर मौजूद लोगों ने भी रेस्क्यू टीम की सराहना की।
शिप्रा नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद एसडीआरएफ की टीम घाटों पर लाउडस्पीकर के माध्यम से लगातार अनाउंसमेंट कर रही है। श्रद्धालुओं से बैरिकेडिंग के बाहर नहीं जाने, गहरे पानी में स्नान नहीं करने और सुरक्षा कर्मियों के निर्देशों का पालन करने की अपील की जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके।
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प्रशासन ने श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि बारिश के दौरान नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए अतिरिक्त सावधानी बरतें। किसी भी स्थिति में जोखिम उठाकर गहरे पानी में न जाएं। प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था लगातार मजबूत की जा रही है और नदी किनारे हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।
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