

Balaghat DSP Santosh Patel: बालाघाट जिले के टेमनी क्षेत्र में नए शैक्षणिक सत्र के पहले दिन एक भावुक और प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला। सड़क और पुलिया पर बारिश का आनंद लेते हुए घूम रहे बच्चों को डीएसपी संतोष पटेल और बैगा शिक्षक धनसिंह धुर्वे ने न केवल समझाइश दी, बल्कि उन्हें स्कूल तक पहुंचाकर शिक्षा के प्रति जागरूक किया। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इसकी जमकर सराहना कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, 1 जुलाई को टेमनी और सायर-संदूका गांव के कई बच्चे स्कूल जाने के बजाय बारिश में खेलते हुए सड़क किनारे घूम रहे थे। इसी दौरान क्षेत्र भ्रमण पर निकले डीएसपी संतोष पटेल और शिक्षक धनसिंह धुर्वे ने बच्चों को रोका और उनसे बातचीत की। उन्होंने बच्चों को पढ़ाई का महत्व समझाते हुए कहा कि शिक्षा ही उनके बेहतर भविष्य की सबसे मजबूत नींव है।
इसके बाद दोनों अधिकारियों ने गांव पहुंचकर अभिभावकों से मुलाकात की और उन्हें बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बच्चों का भविष्य खेत, जंगल या सड़कों पर भटकने से नहीं, बल्कि शिक्षा से ही संवर सकता है। उनकी समझाइश का असर तत्काल देखने को मिला और कई अभिभावकों ने उसी समय बच्चों को तैयार कर स्कूल भेज दिया, जिसका वीडियो वायरल हो रहा है।
इस दौरान डीएसपी संतोष पटेल ने बच्चों को स्कूल ड्रेस, किताबें और बैग भी वितरित किए। बच्चों के चेहरों पर आई मुस्कान और अभिभावकों के बदले हुए नजरिए ने इस पहल को और भी प्रेरणादायक बना दिया। बैगा शिक्षक धनसिंह धुर्वे पिछले 18 वर्षों से इस दुर्गम आदिवासी क्षेत्र में शिक्षा की अलख जगा रहे हैं। वे कई बार खेतों और जंगलों से बच्चों को अपनी मोटरसाइकिल पर बैठाकर स्कूल लाते हैं ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। स्थानीय लोगों के अनुसार उनकी लगातार मेहनत से क्षेत्र में शिक्षा के प्रति लोगों की सोच में सकारात्मक बदलाव आया है।
डीएसपी संतोष पटेल अपनी संवेदनशील कार्यशैली और सामाजिक सरोकारों के लिए जाने जाते हैं। वे समय-समय पर शिक्षा और जनजागरूकता से जुड़े अभियानों के माध्यम से लोगों को प्रेरित करते रहते हैं। उनका यह प्रेरक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। कभी नक्सल गतिविधियों के लिए चर्चित रहा टेमनी क्षेत्र आज शिक्षा की नई कहानी लिख रहा है। डीएसपी संतोष पटेल और शिक्षक धनसिंह धुर्वे की यह संयुक्त पहल इस बात का उदाहरण है कि प्रशासन और समाज मिलकर बदलाव ला सकते हैं।
https://youtu.be/d1GbL6140_w?si=Fd-y0v-nGFLSA5BC