Ujjain Interstate Train Theft Gang Busted: रेलवे सुरक्षा बल (RPF) उज्जैन ने सूरत RPF क्राइम ब्रांच और मुंबई मंडल की टीम के साथ संयुक्त कार्रवाई कर चलती ट्रेनों के SLR कोच को निशाना बनाने वाली अंतरराज्यीय गैंग का पर्दाफाश किया है। गिरोह के सदस्य मेंटेनेंस कर्मचारी बनकर कोच में प्रवेश करते थे और इलेक्ट्रिक कटर से लोहे की चादर और प्लाईवुड की दीवार काटकर पार्सल चोरी कर लेते थे। इस मामले में गैंग के कथित मास्टरमाइंड अनिल पटेल समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के पास से लाखों रुपये कीमत के रेडीमेड कपड़े और आर्टिफिशियल ज्वेलरी बरामद की गई है।
जानकारी के अनुसार, 19 सितंबर 2026 को ट्रेन नंबर 15569 अहमदाबाद-दरभंगा अंत्योदय एक्सप्रेस के SLR कोच को कटर से काटकर आर्टिफिशियल ज्वेलरी के पार्सल चोरी किए जाने की शिकायत मिली थी। इसी दौरान मुंबई मंडल की एक अन्य ट्रेन से रेडीमेड लेडीज गारमेंट्स चोरी होने की घटना भी सामने आई। दोनों मामलों को गंभीरता से लेते हुए पश्चिम रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर संयुक्त टीम बनाई गई। इसमें RPF क्राइम ब्रांच सूरत के निरीक्षक अशोक कुमार, उज्जैन के निरीक्षक नरेंद्र यादव और अमलनेर के निरीक्षक सत्यजीत सहित अन्य अधिकारी और जवान शामिल हुए।
जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य मेंटेनेंस विभाग के कर्मचारियों जैसी ड्रेस पहनकर ट्रेनों में दाखिल होते थे। इसके बाद इलेक्ट्रिक कटर की मदद से एसएलआर कोच की प्लाईवुड और लोहे की चादर काटकर अंदर रखे पार्सल निकाल लेते थे। उनकी वर्दी और गतिविधियों को देखकर लोगों को लगता था कि रेलवे कर्मचारी मरम्मत का काम कर रहे हैं। इसी आड़ में आरोपी चोरी को अंजाम देते और फिर बीच रास्ते में उतरकर फरार हो जाते थे। गिरोह का यह तरीका जांच टीम के लिए भी चुनौती बना हुआ था।
संयुक्त टीम ने उत्तर प्रदेश और बिहार में दबिश देकर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। कथित मास्टरमाइंड अनिल पटेल को वाराणसी से पकड़ा गया, जबकि मोहम्मद विक्की और मोहम्मद जाहिद को बिहार के मुंगेर से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में अनिल पटेल को गिरोह का मुख्य सरगना बताया गया है। वह विक्की, जाहिद और अन्य साथियों के साथ मिलकर वारदातों को अंजाम देता था। मामले में दो अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और आरपीएएफ टीम अलग-अलग स्थानों पर दबिश दे रही हैं।
कार्रवाई के दौरान अनिल पटेल के वाराणसी स्थित गोदाम से रेलवे से चोरी किए गए 5.60 लाख रुपये से अधिक कीमत के रेडीमेड लेडीज गारमेंट्स बरामद हुए। वहीं, एक अन्य वारदात से संबंधित करीब 1.50 लाख रुपये की आर्टिफिशियल ज्वेलरी भी बरामद की गई। इस तरह कुल बरामद माल की कीमत 7 लाख रुपये से अधिक बताई गई है। कार्रवाई में एसआई यशपाल सिंह, एएसआई साजिद हुसैन, प्रधान आरक्षक कमल सिंह और राजाराम यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आरपीएएफ अब गिरोह के अन्य सदस्यों और चोरी की बाकी घटनाओं के संबंध में जांच कर रही है।