

Madhya Pradesh Weather Today: मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई के बाद मौसम का मिजाज बदलने लगा है। प्रदेश में दिन के समय तेज धूप और उमस लोगों को परेशान कर रही है, जबकि रात में तापमान गिरने से ठंडक महसूस होने लगी है।
इस बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026 को पूर्वी मध्य प्रदेश के 9 जिलों में आंधी-तूफान और हल्की बारिश की संभावना जताई है। मौसम विभाग ने इन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। वहीं, भोपाल और इंदौर में मौसम साफ रहने तथा दिन में गर्मी बढ़ने का अनुमान है।
राजधानी भोपाल स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, रीवा, सतना, पन्ना, मैहर, शहडोल और अनूपपुर में गरज-चमक के साथ कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है। इस दौरान वज्रपात की आशंका भी है। मौसम विभाग ने 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने का अनुमान जताया है। पूर्वी मध्य प्रदेश के इन जिलों में 11 अक्टूबर तक मौसम का ऐसा ही रुख बने रहने की संभावना है। विभाग ने लोगों को आंधी-तूफान के दौरान खुले स्थानों पर नहीं रहने और टिन शेड या धारदार वस्तुओं के आसपास खड़े होने से बचने की सलाह दी है।
राजधानी भोपाल में शुक्रवार को मौसम साफ रहने का अनुमान है। दिन में तेज धूप के कारण गर्मी और उमस का असर बढ़ सकता है, जबकि शाम के बाद तापमान गिरने से राहत मिलने की उम्मीद है। इंदौर में भी मौसम का मिजाज लगभग ऐसा ही रहने की संभावना है। पिछले हफ्तेभर में प्रदेश के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान में चार डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई है। अमरकंटक में न्यूनतम तापमान 16 डिग्री और इंदौर में 17.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। पिछले 24 घंटे में धार में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 37.2 डिग्री, जबकि शाजापुर के गिरवर में सबसे कम न्यूनतम तापमान 17.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मौसम विभाग के मुताबिक, अक्टूबर में मध्य प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में गर्मी, बारिश और रात की ठंड का मिला-जुला असर देखने को मिल सकता है। दिन और रात के तापमान में अंतर बढ़ने की संभावना है। खासकर पूर्वी जिलों में गरज-चमक और हल्की बारिश का सिलसिला 11 अक्टूबर तक जारी रह सकता है।
मध्य प्रदेश में इस साल मानसून ने 24 जून को दस्तक दी थी और 3 अक्टूबर को विदाई ली। करीब 100 दिन के मानसूनी सीजन में प्रदेश में 908.4 मिलीमीटर यानी 35.8 इंच बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से चार फीसदी कम है। पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से चार फीसदी अधिक बारिश हुई, जबकि पश्चिमी हिस्से में 12 फीसदी कम वर्षा दर्ज की गई। भोपाल, कटनी, ग्वालियर और राजगढ़ समेत 25 जिलों में बारिश का कोटा पूरा हुआ। वहीं, जबलपुर, उज्जैन, इंदौर, रीवा और सागर सहित कुल 30 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई।