भूपेंद्र सिंह ने खुरई में कांग्रेस और राहुल गांधी पर साधा निशाना।
कांग्रेस पर घुसपैठियों को वोटबैंक बनाने का आरोप लगाया।
राहुल गांधी के विदेशी मुलाकातों पर उठाए सवाल।
नसीरुद्दीन शाह के बयानों पर भी जताई नाराजगी।
SIR के विरोध को लेकर विपक्ष पर लगाए आरोप।
Bhupendra Singh Controversial Statement on Naseeruddin Shah: सागर के खुरई में रविवार को पूर्व गृहमंत्री एवं विधायक भूपेंद्र सिंह ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। भाजपा के राष्ट्रव्यापी अभियान ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ के तहत ऑडिटोरियम में आयोजित प्रबुद्धजन संगोष्ठी को संबोधित करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस बांग्लादेश और पाकिस्तान से आए घुसपैठियों को वोटबैंक के रूप में इस्तेमाल करना चाहती है।
अपने संबोधन में भूपेंद्र सिंह ने अभिनेता नसीरुद्दीन शाह के कथित देशविरोधी बयानों पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि भारत ने उन्हें नाम, सम्मान, शोहरत और पैसा दिया, इसके बावजूद वे देशविरोधी बयान देते हैं। सिंह ने कहा कि ऐसे बयानों के लिए उन्हें जेल भेज देना चाहिए या पाकिस्तान भेज देना चाहिए।
भूपेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि लगातार चुनावी हार के बाद राहुल गांधी सत्ता हासिल करने के लिए भारत विरोधी विदेशी ताकतों से हाथ मिला रहे हैं। उन्होंने जॉर्ज सोरोस, इल्हान उमर, सुनीता विश्वनाथ और ब्रिटेन के जेरेमी कॉर्बिन का नाम लेते हुए कहा कि राहुल गांधी विदेश दौरों के दौरान ऐसे लोगों से मुलाकात करते हैं। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने इन लोगों के साथ राहुल गांधी की कुछ तस्वीरें भी दिखाईं। उन्होंने कहा कि कुछ विदेशी ताकतें भारत को विकसित और मजबूत देश के रूप में नहीं देखना चाहतीं। सिंह के मुताबिक, ऐसी ताकतें देश में राजनीतिक अस्थिरता और अराजकता पैदा करना चाहती हैं, जबकि उनका निशाना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नेतृत्व है।
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर भूपेंद्र सिंह ने विपक्ष के विरोध पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष को आशंका है कि इस प्रक्रिया से घुसपैठियों के नाम मतदाता सूची से हट सकते हैं। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश, पाकिस्तान और अन्य देशों से अवैध रूप से आए लोगों को मतदाता बनाने की कोशिश की जा रही है। सिंह ने कहा कि अवैध घुसपैठ का असर देश की सुरक्षा, संस्कृति, अर्थव्यवस्था और रोजगार पर पड़ सकता है। उनके अनुसार, सरकारी योजनाओं का लाभ सबसे पहले पात्र भारतीय नागरिकों को मिलना चाहिए। उन्होंने मतदाता सूची के पुनरीक्षण को जरूरी बताते हुए कहा कि इसमें केवल पात्र भारतीय नागरिकों के नाम होने चाहिए।
अपने संबोधन में भूपेंद्र सिंह ने कर्नाटक सरकार के मंत्री सतीश जारकीहोली के बयान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मंत्री ने राज्य में एसआईआर की प्रक्रिया को लेकर कोई समस्या नहीं बताई है। सिंह के अनुसार, इस प्रक्रिया में मृत व्यक्तियों, दूसरी जगह जा चुके मतदाताओं और मतदाता सूची में दो बार दर्ज नामों को हटाया गया है।
उन्होंने केरलम के एक कांग्रेस नेता के उस बयान का भी हवाला दिया, जिसमें मतदाता सूची के पुनरीक्षण को चुनावी प्रक्रिया के लिए उपयोगी बताया गया था। इसी आधार पर उन्होंने सवाल किया कि जब कुछ राज्यों में इस प्रक्रिया को सही माना जा रहा है, तो राष्ट्रीय स्तर पर इसका विरोध क्यों किया जा रहा है।