OBC आरक्षण को लेकर दामोदर यादव ने 4 बड़े नेताओं के बंगलों के घेराव का किया ऐलान, दिग्विजय सिंह का नाम भी शामिल

Damodar Yadav On OBC Reservation: 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण को लेकर दामोदर यादव का बड़ा ऐलान, 4 बड़े नेताओं के बंगलों को घेरने की कही बात। कहा- आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई की जरूरत है।
Damodar Yadav Announcement On OBC Reservation Madhya Pradesh
दामोदर यादव ने बंगला घेरने का किया ऐलान(सोर्स- नवभारत लाइव)
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HIGHLIGHTS:

  • ओबीसी आरक्षण को लेकर दामोदर यादव का बड़ा ऐलान, सरकार के अलावा विपक्ष के खिलाफ भी खोला मोर्चा।

  • चार बड़े नेताओं के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी, उमंग सिंघार और दिग्विजय सिंह का नाम भी शामिल।

  • भोपाल में प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने चलाया वाटर कैनन।

Damodar Yadav Announcement On OBC Reservation MP: मध्य प्रदेश में 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। आरक्षण की मांग को लेकर राजधानी भोपाल में प्रदर्शन कर रहे ओबीसी समाज के नेताओं ने अब सरकार के साथ-साथ विपक्ष के बड़े नेताओं के खिलाफ भी मोर्चा खोल दिया है। प्रदर्शनकारी दामोदर यादव ने प्रदेश के चार बड़े राजनीतिक चेहरों को निशाने पर लेते हुए उनके बंगलों का घेराव करने और पुतला दहन करने का ऐलान किया है।

दामोदर यादव ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि अलग-अलग राजनीतिक दलों की सरकारें सत्ता में रहीं लेकिन ओबीसी समाज को 27 प्रतिशत आरक्षण का पूरा लाभ नहीं मिल पाया। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई की जरूरत है।

चार नेताओं के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी

दामोदर यादव ने ऐलान किया कि ओबीसी आरक्षण की मांग को लेकर दिग्विजय सिंह, शिवराज सिंह चौहान, मोहन यादव और उमंग सिंघार के बंगलों का घेराव किया जाएगा। इसके साथ ही चारों नेताओं के पुतले जलाकर विरोध दर्ज कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि ओबीसी समाज के अधिकारों की लड़ाई अब सड़कों पर लड़ी जाएगी और जब तक 27 प्रतिशत आरक्षण नहीं मिलता, आंदोलन जारी रहेगा।

हाईकोर्ट के फैसले के बाद और तेज हुई सियासत

दरअसल, मध्य प्रदेश में ओबीसी आरक्षण का विवाद लंबे समय से कानूनी और राजनीतिक लड़ाई का विषय बना हुआ है। वर्ष 2019 में तत्कालीन कमलनाथ सरकार ने ओबीसी आरक्षण 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत किया था। हालांकि, इस फैसले को अदालत में चुनौती दी गई। 9 अक्टूबर 2026 को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 27 प्रतिशत आरक्षण बढ़ाने वाले कानून को असंवैधानिक करार देते हुए निरस्त कर दिया और आरक्षण को 14 प्रतिशत तक सीमित रखने का फैसला सुनाया। कोर्ट ने 13 प्रतिशत होल्ड पदों को तीन महीने के भीतर अनारक्षित वर्ग से भरने के निर्देश भी दिए। इस फैसले के बाद प्रदेश में राजनीतिक विरोध और सामाजिक संगठनों की नाराजगी बढ़ गई है।

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प्रदर्शनकारियों पर वाटर कैनन का इस्तेमाल

भोपाल में प्रदर्शन के दौरान पुलिस और आंदोलनकारियों के बीच तनाव की स्थिति भी देखने को मिली। प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इसके बाद आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन और तेज करने की चेतावनी दी गई।

अब इस पूरे घटनाक्रम ने मध्य प्रदेश की राजनीति में नया सवाल खड़ा कर दिया है। ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर जहां कांग्रेस और बीजेपी एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालते रहे हैं, वहीं दामोदर यादव ने दोनों दलों के नेताओं को निशाने पर लेकर साफ कर दिया है कि उनका विरोध किसी एक राजनीतिक दल तक सीमित नहीं है।