सागर में भूपेंद्र सिंह के जन्मदिन पर रक्तदान शिविर का आयोजन, अब तक मिला 1529 यूनिट ब्लड

Bhupendra Singh Birthday Blood Donation Camp: सागर में भूपेंद्र सिंह के जन्मदिन के मौके पर विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। तीसरे दिन तक 1529 यूनिट ब्लड मिला है। बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
Sagar Blood Donation Camp
रक्तदान शिविर में भूपेंद्र सिंह (फोटो सोर्स- नवभारत)
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Sagar Blood Donation News: सागर में पूर्व गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह के जन्मदिन पर आयोजित चार दिवसीय विशाल रक्तदान शिविर ने मानव सेवा का नया कीर्तिमान स्थापित किया है। शिविर के तीसरे दिन तक कुल 1529 यूनिट रक्त का संग्रह किया जा चुका है, जिनमें से 130 यूनिट रक्त दमोह और टीकमगढ़ जिला अस्पतालों को सौंपा गया।

शिविर के दौरान बड़ी संख्या में युवाओं, महिलाओं, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और पत्रकारों ने रक्तदान किया। तीसरे दिन 23 महिलाओं सहित अब तक कुल 44 रक्त वीरांगनाओं ने रक्तदान कर महिला सहभागिता का प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया।

टीकमगढ़ को 75 और दमोह को 55 यूनिट दिया

भूपेंद्र सिंह कार्यक्रम में विशेष रूप से टीकमगढ़ जिला अस्पताल को 75 यूनिट और दमोह जिला अस्पताल को 55 यूनिट रक्त सौंपा गया। सागर ब्लड बैंक की क्षमता पूर्ण होने के कारण अन्य जिलों को भी रक्त उपलब्ध कराया जा रहा है। भविष्य में बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज सागर में 5000 यूनिट क्षमता वाला अत्याधुनिक ब्लड बैंक शुरू होने से पूरे क्षेत्र को बड़ी सुविधा मिलेगी।

शिविर में बड़ी संख्या में पहुंचे लोग

रक्तदान शिविर में समाज के हर वर्ग की सहभागिता देखने को मिली। कई लोग अपने साथियों और परिवारजनों को प्रेरित कर रक्तदान के लिए लेकर पहुंचे। शिविर के समापन दिवस पर भी बड़ी संख्या में रक्तदाताओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। यह आयोजन केवल जन्मदिन समारोह नहीं, बल्कि “रक्तदान से जीवनदान” के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने वाला प्रेरणादायी अभियान बन गया है।

समाजसेवा का महाअभियान

होटल ग्रैंड दीपाली के सिग्नेचर हॉल में आयोजित इस शिविर में शामिल लोगों ने इसे समाजसेवा और जनजागरण का महाअभियान बताते हुए कहा कि रक्तदान केवल आयोजन नहीं, बल्कि ऐसा महाअनुष्ठान है, जिसमें रक्तदाता देवता बन जाता है। किसी जरूरतमंद को जीवन देना सबसे बड़ा मानवीय कार्य है और इस अभियान ने पूरे बुंदेलखंड को नई पहचान दी है।

मानव सेवा का महाकुंभ

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ चिकित्सक ने रक्तदान शिविर को मानव सेवा का महाकुंभ बताते हुए कहा कि पिछले 12 सालों से लगातार चल रहा यह अभियान अब सामाजिक चेतना का प्रतीक बन चुका है। उन्होंने कहा कि रक्तदान से न केवल किसी व्यक्ति का जीवन बचता है, बल्कि इससे स्वास्थ्य लाभ भी होते हैं और समाज में जागरुकता बढ़ती है।

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