Ajnaar River Cleaning Controversy : राजगढ़ जिले के ब्यावरा की अजनार नदी की सफाई को लेकर सोशल मीडिया पर किए गए दावे पर विवाद खड़ा हो गया है। बिट्टू तबाही के नाम से इंस्टाग्राम पर सक्रिय शैलेंद्र सिंह ने अजनार नदी को अकेले साफ करने का दावा किया था। उनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद उद्योगपति आनंद महिंद्रा से लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तक ने युवक की सराहना की थी। अब अजनार बचाओ समिति, स्थानीय नागरिकों और नगर पालिका ने इस दावे पर आपत्ति जताई है।
अजनार बचाओ समिति का कहना है कि नदी की सफाई का काम पिछले कई वर्षों से सामूहिक रूप से किया जा रहा है। समिति के मुताबिक वर्ष 2016 से सामाजिक संगठनों और नगर पालिका की ओर से मिलकर अजनार नदी की सफाई के लिए अभियान चलाए जा रहे हैं। पिछले 6-7 वर्षों से भी लगातार अलग-अलग स्तर पर सफाई अभियान आयोजित किए जाते रहे हैं।
समिति की ओर से उपलब्ध कराए गए पुराने वीडियो और तस्वीरों का हवाला देते हुए बताया गया है कि शैलेंद्र सिंह पहले भी दूसरे सामाजिक संगठनों के साथ नदी सफाई अभियान में शामिल होते रहे हैं। एक पुराने वीडियो में बिट्टू तबाही अन्य लोगों के साथ नदी की सफाई करते हुए नजर आ रहे हैं। समिति का कहना है कि यह वीडियो उनके मौजूदा सोशल मीडिया अकाउंट और पहचान के चर्चित होने से कई महीने पहले का है।
ब्यावरा नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी इकरार अहमद ने कहा कि अजनार नदी के संरक्षण और सफाई के लिए नगर पालिका और स्थानीय समितियां वर्ष 2016 से लगातार काम कर रही हैं। उन्होंने बताया कि नदी को कचरा मुक्त करने के लिए समय-समय पर बड़े स्तर पर अभियान चलाए गए हैं। CMO ने कहा कि इतनी बड़ी नदी की सफाई किसी एक व्यक्ति द्वारा अकेले करना संभव नहीं है।
अजनार बचाओ समिति के अध्यक्ष का कहना है कि समिति के सदस्य पिछले 6-7 वर्षों से लगातार नदी की सफाई में जुटे हुए हैं। उनका दावा है कि बिट्टू तबाही भी समिति के साथ जुड़कर सफाई अभियान में शामिल होते थे। समिति अध्यक्ष के मुताबिक कई मौकों पर वह सफाई के दौरान फोटो और वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट करते थे। हालांकि, सोशल मीडिया से आर्थिक लाभ कमाने संबंधी समिति के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
वहीं शैलेंद्र सिंह उर्फ बिट्टू तबाही का कहना है कि नदी की सफाई में उन्हें जनता, प्रशासन और शासन का पूरा सहयोग मिला है। उन्होंने कहा कि संगठन अपना काम करके चले जाते थे, लेकिन इसके बाद भी वह लगातार नदी की सफाई करते थे। लोगों को नदी की सफाई और संरक्षण के प्रति जागरूक करने के लिए वह वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट करते थे।
अजनार नदी की सफाई को लेकर अब दोनों पक्षों के दावे सामने हैं। समिति और नगर पालिका इसे वर्षों से चल रहे सामूहिक अभियान का परिणाम बता रहे हैं, जबकि बिट्टू तबाही का कहना है कि उन्होंने भी लगातार सफाई अभियान चलाया और लोगों को जागरूक किया। पुराने वीडियो और तस्वीरों में उनके सामूहिक अभियानों में शामिल होने की बात भी सामने आई है। ऐसे में नदी की सफाई के श्रेय को लेकर ब्यावरा में बहस जारी है।