Panna Asha Worker Murder: पन्ना जिले से एक बेहद सनसनीखेज और रूह कंपा देने वाला मामला सामने आया है। यहां पवई थाना क्षेत्र में एक सिरफिरे ने घर में घुसकर पहले आशा कार्यकर्ता की नाबालिग बेटी को कमरे से बाहर निकाला, फिर दरवाजा अंदर से बंद कर धारदार हथियार से महिला की हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने खुद भी सल्फास खाकर आत्महत्या कर ली। इस दोहरे हत्याकांड और आत्महत्या की घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।
मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना पवई थाना क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 14 की है। सुनवानी में पदस्थ 37 वर्षीय आशा कार्यकर्ता रजनी शुक्ला अपने घर पर थी। इसी दौरान सुरेंद्र उर्फ सीताराम तिवारी नाम का व्यक्ति उसके घर में जबरन दाखिल हुआ। बताया जा रहा है कि आरोपी ने सबसे पहले कमरे में मौजूद रजनी शुक्ला की 17 वर्षीय नाबालिग बेटी को धक्का देकर जबरन बाहर निकाल दिया और कमरे की कुंडी अंदर से बंद कर ली।
इसके बाद आरोपी सुरेंद्र ने अपने पास रखे धारदार हथियार से रजनी शुक्ला पर ताबड़तोड़ हमले शुरू कर दिए। हमला इतना अचानक और भयानक था कि रजनी को संभलने का मौका तक नहीं मिला और ज्यादा खून बह जाने के कारण मौके पर ही उसकी मौत हो गई। घर के बाहर खड़ी बेटी और आस-पास के लोग जब तक कुछ समझ पाते या दरवाजा तोड़ पाते, तब तक आरोपी ने हत्या की वारदात को अंजाम दे दिया था।
रजनी शुक्ला को मौत के घाट उतारने के बाद आरोपी सुरेंद्र ने भी कमरे के भीतर ही सल्फास की गोलियां खा लीं, जिससे उसकी भी मौके पर ही मौत हो गई। बदहवास बेटी ने तुरंत इस वारदात की सूचना स्थानीय पुलिस को दी।
सूचना मिलते ही एसडीओपी (SDOP) भावना सिंह दांगी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं। जब पुलिस ने कमरे का दरवाजा खुलवाया, तो अंदर का मंजर बेहद खौफनाक था। कमरे के फर्श पर चारों तरफ खून बिखरा हुआ था और रजनी शुक्ला व आरोपी सुरेंद्र दोनों के शव पास-पास पड़े हुए थे।
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पुलिस ने फोरेंसिक टीम को मौके पर बुलाकर साक्ष्य जुटाए हैं और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है। फिलहाल इस खूनी वारदात के पीछे की मुख्य वजह क्या थी, यह साफ नहीं हो पाया है। पुलिस मृतका के परिजनों, बेटी और आस-पास के लोगों से पूछताछ कर रही है।