Highlights:
बुधवार से मुरासु तूफान का असर होगा कमजोर।
पूर्वी MP के 5 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट।
धनतेरस और दीपावली पर मौसम साफ रहने का अनुमान।
अगले 4 दिन में 2 डिग्री तक गिरेगा रात का पारा।
MP Weather Update : मध्यप्रदेश के पूर्वी हिस्से में चक्रवाती तूफान मुरासु के असर से मंगलवार को कई जिलों में बादल छाए रहे। कुछ जगह बूंदाबांदी और तेज हवाएं चलीं। हालांकि, मौसम विभाग का अनुमान है कि बुधवार से तूफान का असर कमजोर पड़ जाएगा।
अगले 24 घंटे में सिर्फ 5 जिलों में आंधी-बारिश की संभावना है। बाकी प्रदेश में मौसम खुलने के साथ धूप खिलेगी। राहत की बात यह है कि धनतेरस और दीपावली पर भी बारिश की संभावना नहीं है। वहीं, नवंबर के दूसरे सप्ताह से ठंड का असर बढ़ने के आसार हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटे में सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी और अनूपपुर में आंधी के साथ बारिश हो सकती है। इन जिलों में मौसम का असर बने रहने की संभावना है। दूसरी ओर भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर समेत प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बादल छंटेंगे और धूप निकलेगी।
प्रदेश में रात के तापमान में गिरावट का दौर शुरू हो गया है। बीती रात पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 13.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शाजापुर के गिरवर में 14.4, भोपाल में 15.1, नीमच के मरुखेड़ा में 15.4 और कटनी के करौंदी में 15.5 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों में न्यूनतम तापमान में करीब 2 डिग्री की गिरावट का अनुमान जताया है।
पचमढ़ी में रात के साथ दिन में भी ठंड का असर दिखाई दे रहा है। यहां दो दिनों के भीतर अधिकतम तापमान गिरकर 22 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। अमरकंटक, मलाजखंड, बैतूल, नरसिंहपुर और सिवनी भी प्रदेश के ठंडे इलाकों में शामिल हैं। वहीं, मंडला में अधिकतम तापमान 33 डिग्री दर्ज किया गया। प्रदेश के कई हिस्सों में दिन के तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट आई है।
मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, नवंबर के दूसरे सप्ताह से प्रदेश में ठंड का असर और तेज होगा। ग्वालियर-चंबल संभाग में उत्तरी हवाओं के सीधे पहुंचने से रात के तापमान में ज्यादा गिरावट हो सकती है। मौसम के पुराने रिकॉर्ड भी यहां कड़ाके की ठंड का संकेत देते हैं। ग्वालियर में 57 साल पहले नवंबर में न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था। वहीं, उज्जैन में 53 साल पहले नवंबर का न्यूनतम तापमान 2.3 डिग्री दर्ज किया गया था।
नवंबर में भोपाल, इंदौर और जबलपुर में बारिश होने का ट्रेंड रहा है। इस बार महीने की शुरुआत में ही प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, तीसरे और चौथे सप्ताह में नए मौसम सिस्टम के सक्रिय होने से बारिश हो सकती है। ऐसे में नवंबर में ठंड बढ़ने के साथ मौसम में उतार-चढ़ाव भी देखने को मिल सकता है।