सिंधिया ने लिया चंबल वाटर प्रोजेक्ट का जायजा फोटो सोर्स- सोशल मीडिया
मुरैना

मुरैना में सिंधिया बोले-हम ही नहीं आने वाली पीढ़ी को भी नलों से मिलेगा चंबल का पानी,2055 तक पेयजल की चिंता नहीं

Jyotiraditya Scindia Morena Visit : मुरैना में 458.68 करोड़ के चंबल वाटर प्रोजेक्ट का सिंधिया ने निरीक्षण किया। योजना से पानी मुरैना-ग्वालियर पहुंचाने और 2055 तक पेयजल की चिंता दूर करने का लक्ष्य है।

योगेश पाराशर, प्रीतेश जैन

Morena Chambal Water Project : मुरैना और ग्वालियर के लोगों के लिए पेयजल को लेकर बड़ी योजना पर काम जारी है। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने रविवार को मुरैना में 458.68 करोड़ रुपए की लागत से बन रहे चंबल वाटर प्रोजेक्ट के निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के जरिए मुरैना और ग्वालियर के लोगों तक चंबल का पानी पहुंचाया जाएगा और 2055 तक पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने का लक्ष्य है।

सरकार ने मुरैना और ग्वालियर शहरों की अगले 35 साल की पेयजल जरूरत को ध्यान में रखते हुए 458.68 करोड़ रुपए की लागत से चंबल वाटर प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है। परियोजना का उद्देश्य दोनों शहरों की आबादी को स्वच्छ और मानकों के अनुरूप पेयजल उपलब्ध कराना है।

कोतवाल डैम और नूराबाद के बीच काम का जायजा

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मुरैना जिले के कोतवाल डैम और नूराबाद से ग्वालियर के बीच चल रहे प्रोजेक्ट के कामों का निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट और विभागीय अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों से परियोजना के निर्माण कार्य की प्रगति और जल आपूर्ति की योजना की जानकारी ली गई।

चंबल, कोतवाल और रमौआ बांध से मिलेगा 200 MLD पानी

सिंधिया ने बताया कि परियोजना के तहत चंबल नदी से 90 एमएलडी, कोतवाल बांध से 60 एमएलडी और रमौआ बांध से 45 एमएलडी पानी लिया जाएगा। इस तरह कुल 200 एमएलडी पानी पाइपलाइनों के जरिए मुरैना और ग्वालियर तक पहुंचाने की योजना है। इसके लिए करीब 11 हजार 500 डायमीटर की पाइपलाइन बिछाई जाएगी।

क्वारी, आसन और सांक नदी पर बनेंगे पुल

परियोजना के तहत पाइपलाइन के रास्ते में आने वाली क्वारी, आसन और सांक नदियों पर पुलों का निर्माण भी किया जाएगा। सिंधिया ने कहा कि योजना सिर्फ वर्तमान आबादी की जरूरत पूरी करने के लिए नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। हालिया रिपोर्टिंग में भी परियोजना को ग्वालियर-चंबल क्षेत्र की दीर्घकालिक जल जरूरतों से जोड़कर बताया गया है।

कांग्रेस के शासनकाल पर भी सिंधिया ने की टिप्पणी

सिंधिया ने कांग्रेस के शासनकाल को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि उस दौरान 2055 तक की पेयजल सुविधा सुनिश्चित करने जैसी सोच नहीं थी। उन्होंने कहा कि मौजूदा परियोजना के जरिए वर्तमान के साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए भी पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है।

5200 करोड़ के ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे का भी जिक्र

कार्यक्रम के दौरान ज्योतिरादित्य सिंधिया ने आगरा-ग्वालियर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि करीब 5200 करोड़ रुपए की लागत से 88 किलोमीटर लंबा छह लेन हाईवे प्रस्तावित है। सिंधिया के मुताबिक, इसके बनने के बाद आगरा से ग्वालियर का सफर करीब 50 मिनट और आगरा से मुरैना का सफर करीब 35 मिनट में पूरा करने का लक्ष्य है।

बीजेपी के कई संगठन पदाधिकारी कार्यक्रम में नहीं दिखे

सिंधिया के कार्यक्रम में बीजेपी के कुछ स्थानीय नेता मौजूद रहे, लेकिन जिला अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और महामंत्री समेत संगठन के कई प्रमुख पदाधिकारी नजर नहीं आए। इसे लेकर कार्यक्रम स्थल पर बीजेपी के भीतर आपसी मतभेद की चर्चाएं होती रहीं। हालांकि, पदाधिकारियों की गैरमौजूदगी के कारणों को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

कई बीजेपी नेता रहे मौजूद, काफिले का भी हुआ स्वागत

कार्यक्रम में पूर्व सांसद एवं महापौर अशोक अर्गल, पूर्व विधायक रघुराज कंसाना और गिर्राज डंडौतिया समेत कई बीजेपी नेता मौजूद रहे। वहीं, युवा बीजेपी नेता आशुतोष शर्मा जौनारा और उनके समर्थकों ने हाईवे पर सिंधिया के काफिले का स्वागत किया। परियोजना को लेकर सिंधिया ने इसे ग्वालियर-चंबल क्षेत्र की दीर्घकालिक पेयजल जरूरतों से जुड़ी योजना बताया।

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