ग्वालियर-मुरैना के लिए जीवन रेखा बनेगी चंबल-कोतवाल परियोजना, सिंधिया ने किया 458 करोड़ के काम का निरीक्षण

Chambal Kotwal Water Project : चंबल-कोतवाल जल परियोजना से ग्वालियर को 150 एमएलडी पानी मिलेगा। 458 करोड़ की परियोजना का सिंधिया ने निरीक्षण किया, 31 मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
Jyotiraditya Scindia inspects the 458 crore Chambal-Kotwal water project
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने लिया कामों का जायजाफोटो सोर्स- सोशल मीडिया
Published on
Updated on

Jyotiraditya Scindia Gwalior Visit : ग्वालियर-मुरैना की भविष्य की जल जरूरतों को पूरा करने के लिए तैयार की जा रही चंबल-कोतवाल जल परियोजना का केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने निरीक्षण किया। उन्होंने कोतवाल डैम स्थित निर्माणाधीन इंटेकवेल, सांक नदी पर बन रहे पाइपलाइन ब्रिज और बानमोर के पास पाइपलाइन बिछाने के काम का जायजा लिया। सिंधिया ने अधिकारियों से परियोजना की प्रगति की जानकारी लेते हुए इसे तय समयसीमा में पूरा करने पर जोर दिया।

करीब 458 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना के जरिए चंबल नदी और कोतवाल डैम से पानी लेकर ग्वालियर पहुंचाया जाएगा। परियोजना के तहत करीब 150 एमएलडी पानी ग्वालियर की जलापूर्ति व्यवस्था में जोड़े जाने का लक्ष्य है। पानी को पाइपलाइन के जरिए ग्वालियर लाकर मोतीझील स्थित जलशोधन संयंत्र तक पहुंचाया जाएगा। परियोजना को 31 मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

31 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन, नदियों पर बन रहे ब्रिज

चंबल और कोतवाल डैम से ग्वालियर तक करीब 31 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जा रही है। रास्ते में आने वाली क्वारी, सांक और आसन नदियों को पार करने के लिए विशेष पाइपलाइन ब्रिज बनाए जा रहे हैं। सिंधिया ने सांक नदी पर निर्माणाधीन ब्रिज का भी निरीक्षण किया और निर्माण की गुणवत्ता व कार्य की गति की जानकारी ली।

सिंधिया बोले- आने वाली पीढ़ियों की जल सुरक्षा से जुड़ी योजना

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि चंबल-कोतवाल परियोजना ग्वालियर और मुरैना की आने वाली पीढ़ियों की जल सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण योजना है। उनका कहना है कि बढ़ती आबादी और पानी की जरूरत को देखते हुए अभी से मजबूत जलापूर्ति व्यवस्था तैयार करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि परियोजना के जरिए चंबल का पानी ग्वालियर-मुरैना के घरों तक पहुंचाने की दिशा में काम किया जा रहा है।

घरेलू जलापूर्ति के साथ सिंचाई पर भी जोर

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए घरों तक पानी पहुंचाने के साथ किसानों के लिए स्थायी सिंचाई व्यवस्था भी जरूरी है। उन्होंने चंबल-पार्वती-सिंध परियोजना समेत विभिन्न सिंचाई योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि पानी की उपलब्धता बढ़ने से ग्वालियर-चंबल क्षेत्र की विकास जरूरतों को मजबूती मिलेगी। उन्होंने ग्वालियर, मुरैना, भिंड, श्योपुर और दतिया सहित पूरे ग्वालियर-चंबल संभाग को अपनी प्राथमिकताओं में बताया।

2055 तक की जल जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयारी

चंबल-कोतवाल परियोजना को ग्वालियर-मुरैना की दीर्घकालिक जल जरूरतों से जोड़कर देखा जा रहा है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक परियोजना का उद्देश्य आने वाले दशकों की जलापूर्ति को मजबूत करना है। सिंधिया ने कहा कि निर्धारित समयसीमा में काम पूरा होने के बाद क्षेत्र की जलापूर्ति व्यवस्था को मजबूती मिलेगी और भविष्य की जरूरतों के लिए आधार तैयार होगा।

Jyotiraditya Scindia inspects the 458 crore Chambal-Kotwal water project
राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' में मंच विवाद पर सज्जन वर्मा का हमला, बोले- सरकारें आती-जाती रहती हैं

ग्वालियर-चंबल का विकास प्राथमिकता: सिंधिया

सिंधिया ने कहा कि ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के विकास और नागरिकों की मूलभूत जरूरतों को पूरा करने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। इस दौरान प्रदेश के जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंसाना समेत स्थानीय जनप्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com