धार की भोजशाला (Image- Social Media) 
मध्य प्रदेश

एक ओर पूजा तो दूसरी तरफ नमाज...धार की भोजशाला में आज एक साथ इबादत करेंगे हिंदू-मुस्लिम, 8 हजार जवान तैनात

Dhar Bhojshala controversy: धार की भोजशाला में आज पूजा और नमाज दोनों होगी। भोजशाला में हिंदू समाज दिनभर अखंड पूजा करेगा तो वहीं, मुस्लिमों को जुमे की नमाज की भी इजाजत दी गई है।

अर्पित शुक्ला

Bhojshala controversy: मध्य प्रदेश के धार स्थित भोजशाला में आज बसंत पंचमी के मौके पर एक खास दृश्य देखने को मिलेगा, जब पूजा और नमाज दोनों एक ही दिन आयोजित होंगी। बसंत पंचमी और जुमे का संयोग होने के चलते हिंदू और मुस्लिम समाज की ओर से अलग-अलग मांगें सामने आई थीं। हिंदू पक्ष ने पूरे दिन अखंड पूजा की अनुमति मांगी थी, जबकि मुस्लिम समाज जुमे की नमाज अदा करने पर अड़ा था।

मामले को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने संतुलित फैसला सुनाते हुए दोनों पक्षों के हितों का ध्यान रखा। कोर्ट के आदेश के अनुसार, हिंदू समाज सूर्योदय से सूर्यास्त तक भोजशाला में मां सरस्वती की अखंड पूजा और हवन कर सकेगा, जबकि मुस्लिम समाज दोपहर 1 बजे से 3 बजे के बीच सीमित संख्या में नमाज अदा करेगा। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि धार प्रशासन भोजशाला परिसर में ही मुस्लिम पक्ष के लिए नमाज की अलग व्यवस्था करे। दोनों समुदायों के आवागमन के लिए अलग-अलग रास्ते बनाए जाएंगे और मुस्लिम समाज को पास जारी किए जाएंगे, ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो।

प्रशासन पूरी तरह अलर्ट

स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। धार में करीब 8 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। इसके साथ ही CRPF के जवान भी मोर्चे पर हैं। भोजशाला परिसर में बैरिकेडिंग कर दी गई है और पुलिस लगातार फ्लैग मार्च कर रही है। CCTV कैमरों और ड्रोन के जरिए पूरे इलाके पर नजर रखी जा रही है। भोजशाला में प्रवेश के दौरान कई वस्तुओं पर प्रतिबंध लगाया गया है। बोतल या केन में डीजल-पेट्रोल ले जाने की अनुमति नहीं होगी। किसी भी प्रकार के आयोजन के लिए पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा पुलिस आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों पर भी कड़ी निगरानी रखे हुए है।

शांति बनाए रखने की अपील

सुप्रीम कोर्ट ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। साथ ही दोनों समुदायों से आपसी सम्मान और शांति बनाए रखने की अपील की है। इसी क्रम में कलेक्ट्रेट में दोनों पक्षों के बीच बैठक आयोजित की गई, जिसमें जिला कलेक्टर सहित प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

कोर्ट के फैसले से हिंदू समाज संतुष्ट नजर आ रहा है। उनका कहना है कि अखंड पूजा का उनका संकल्प पूरा होगा। वहीं मुस्लिम समाज ने भी प्रशासन का सहयोग करने की बात कही है। मुस्लिम पक्ष पहले ही सांकेतिक रूप से नमाज अदा करने की सहमति जता चुका था और अब कोर्ट के आदेश का पालन किया जाएगा।

पहले भी बढ़ चुका है तनाव

गौरतलब है कि पिछले 10 वर्षों में पहली बार बसंत पंचमी और जुमे का दिन एक साथ पड़ा है। हालांकि बीते दो दशकों में जब-जब यह संयोग बना है, धार में सांप्रदायिक तनाव देखने को मिला है। वर्ष 2006, 2013 और 2016 में दोनों पर्व एक साथ पड़े थे, जिनमें 2013 और 2016 के दौरान आगजनी, पथराव और कर्फ्यू जैसी स्थिति भी बनी थी। इसी अनुभव को देखते हुए इस बार प्रशासन अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है।

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