वायरल गर्ल मोनालिसा की उम्र का विवाद हुआ खत्म (सोर्स- सोशल मीडिया)
खरगोन

वायरल गर्ल मोनालिसा की उम्र का विवाद खत्म; इंदौर हाईकोर्ट ने संशोधित जन्म प्रमाण पत्र किया निरस्त

Monalisa Age Dispute Case: प्रयागराज कुंभ से वायरल हुई महेश्वर की 'मोनालिसा' मामले में इंदौर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, संशोधित जन्म प्रमाण पत्र किया निरस्त।

अंशुल मुकाती, सजल रघुवंशी

High Court Cancel Revised Birth Certificate Monalisa: प्रयागराज कुंभ से अपनी आंखों की वजह से सोशल मीडिया पर वायरल हुई महेश्वर की मोनालिसा भोसले एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार मामला उसकी शादी और जन्मतिथि को लेकर चल रहे विवाद से जुड़ा है। शादी के बाद मोनालिसा की उम्र को लेकर सवाल उठे थे। उसके दस्तावेजों में जन्मतिथि 1 जनवरी 2008 दर्ज थी, जबकि उसके पिता की ओर से महेश्वर सीएमओ कार्यालय से बनवाए गए संशोधित जन्म प्रमाण पत्र में जन्मतिथि 30 दिसंबर 2009 दर्ज कराई गई थी।

इसी आधार पर उसे नाबालिग बताया गया और उसके पति फरमान खान के खिलाफ अपहरण सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज हुआ। अब इंदौर हाईकोर्ट ने संशोधित जन्म प्रमाण पत्र को निरस्त कर दिया है। कोर्ट के आदेश के बाद 1 जनवरी 2008 वाली पुरानी जन्मतिथि को फिर से मान्य कर दिया गया है।

नैनार देवा मंदिर में मोनालिसा और फरहान ने किया था विवाह

दरअसल, खरगोन जिले के महेश्वर की रहने वाली मोनालिसा प्रयागराज कुंभ मेले में माला बेचते हुए अपनी आंखों की वजह से सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी। इसके बाद वह रातों-रात चर्चा में आ गई और उसे फिल्म में काम करने का ऑफर भी मिला। बताया गया कि फिल्म की शूटिंग के दौरान उसकी मुलाकात उत्तर प्रदेश के बागपत निवासी फरमान खान से हुई। दोनों के बीच प्रेम संबंध बने और 11 मार्च 2026 को दोनों ने तिरुवनंतपुरम के अरूमानूर श्री नैनार देवा मंदिर में विवाह कर लिया।

मोनालिसा के पिता ने महेश्वर थाने में दर्ज कराई थी शिकायत

विवाद के तुरंत बाद मोनालिसा के पिता ने महेश्वर थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बेटी को नाबालिग बताते हुए फरमान खान पर उसे बहला-फुसलाकर ले जाने और शादी करने का आरोप लगाया गया।

मोनालिसा द्वारा संशोधित जन्म प्रमाण पत्र को दी गई थी चुनौती

पुलिस ने मामले में प्रकरण दर्ज कर फरमान की तलाश शुरू की। वहीं, मोनालिसा की ओर से अधिवक्ता जेरी लोपेज और बीएल नागर ने इंदौर हाईकोर्ट में याचिका दायर की। याचिका में बताया गया कि मोनालिसा के आधार कार्ड और वोटर आईडी समेत अन्य दस्तावेजों में उसकी जन्मतिथि 1 जनवरी 2008 दर्ज है। मामले में महेश्वर सीएमओ कार्यालय से जारी किए गए संशोधित जन्म प्रमाण पत्र को भी चुनौती दी गई।

आखिर इस आधार पर संशोधित जन्म प्रमाण पत्र को कोर्ट ने किया निरस्त

इंदौर हाईकोर्ट के समक्ष यह बात सामने आई कि जन्म प्रमाण पत्र में संशोधन करने से पहले मोनालिसा को अपना पक्ष रखने का उचित अवसर नहीं दिया गया। इसी आधार पर हाईकोर्ट ने संशोधित जन्म प्रमाण पत्र को निरस्त कर दिया है। इसके साथ ही पहले से दर्ज जन्मतिथि 1 जनवरी 2008 वाले जन्म प्रमाण पत्र को फिर से प्रभावी कर दिया गया है। यानी अब रिकॉर्ड के आधार पर मोनालिसा की जन्मतिथि 1 जनवरी 2008 ही मानी जाएगी।

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