

Jitu Patwari Security Questions On Rahul Gandhi Visit: मध्य प्रदेश के बालाघाट में गुरुवार को नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी बैगा आदिवासी परिवारों से मुलाकात करने पहुंच रहे हैं। उनके दौरे से पहले प्रदेश की सियासत गरमा गई है। मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बालाघाट पुलिस और प्रशासन पर राहुल गांधी की सुरक्षा को लेकर लापरवाही का आरोप लगाया है।
वहीं, राहुल गांधी ने भी सोशल मीडिया के जरिए भाजपा और आरएसएस पर निशाना साधते हुए आदिवासी अधिकारों से जुड़े मुद्दे उठाए हैं।
जीतू पटवारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बालाघाट एसपी कार्यालय से जारी एक पत्र की तस्वीर साझा की। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी का दौरा पहले से निर्धारित था और पुलिस को इसकी जानकारी भी दी गई थी। इसके बावजूद पुलिस की ओर से दौरे को लेकर अनभिज्ञता जताई गई। पटवारी ने इसे नेता प्रतिपक्ष की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए सरकारी व्यवस्था पर सवाल उठाए। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि संवैधानिक पद पर बैठे नेता के दौरे के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने मध्य प्रदेश सरकार से राहुल गांधी की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की मांग की।
राहुल गांधी ने बालाघाट रवाना होने से पहले सोशल मीडिया पर एक पोस्ट कर अपने दौरे की जानकारी दी। उन्होंने पोस्ट में भाजपा और आरएसएस पर आदिवासी समुदाय को लेकर आरोप लगाए। राहुल गांधी ने कहा कि भाजपा और आरएसएस आदिवासियों को भारत का ‘पहला मालिक’ नहीं, बल्कि ‘वनवासी’ मानती है।
राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में पन्ना में केन-बेतवा परियोजना से प्रभावित और विस्थापित लोगों के आंदोलन का भी उल्लेख किया। इस जरिए उन्होंने आदिवासी अधिकारों, विस्थापन और विकास परियोजनाओं से जुड़े सवालों को भी अपने बालाघाट दौरे के संदर्भ से जोड़ा। कांग्रेस इस दौरे को आदिवासी क्षेत्रों के मुद्दों को प्रमुखता देने के अवसर के तौर पर देख रही है।
राहुल गांधी का बालाघाट दौरा मुख्य रूप से बैगा आदिवासी बच्चों की मौत के बाद उनके परिवारों से मुलाकात को लेकर है। प्रस्तावित कार्यक्रम के तहत वे बैहर क्षेत्र के जालगा गांव पहुंचकर प्रभावित परिवारों से मुलाकात करेंगे। दौरे से पहले कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। ऐसे में राहुल गांधी की बालाघाट यात्रा के दौरान आदिवासी स्वास्थ्य, पोषण, सरकारी सेवाओं की पहुंच और सुरक्षा व्यवस्था जैसे मुद्दे चर्चा के केंद्र में रह सकते हैं।