पुलिस ने आरोपियों का जुलूस निकाला (फोटो सोर्स- नवभारत) 
जबलपुर

सुआतला सड़क हादसा निकला सामूहिक हत्याकांड, डॉक्टर ने रेत माफिया के साथ मिलकर रची थी साजिश, 8 आरोपी गिरफ्तार

Narsinghpur Murder Case : नरसिंहपुर के सुआतला सड़क हादसे की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस ने इसे सुनियोजित सामूहिक हत्याकांड बताते हुए डॉक्टर अमित खरे समेत 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

प्रीतेश जैन

Suatla Road Accident Murder Case: मध्यप्रदेश के जबलपुर-नरसिंहपुर बॉर्डर पर 19 जुलाई को हुए भीषण हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था। शुरुआत में इसे एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना माना गया, जिसमें समाजवादी पार्टी के नेता राजेंद्र पटेल सहित 5 लोगों की मौत हुई थी। परिजनों के हंगामे और लगाए आरोपों के आधार पर जब पुलिस जांच आगे बढ़ी तो इस मामले ने एक सुनियोजित सामूहिक हत्या का रूप ले लिया।

नरसिंहपुर पुलिस ने इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी समेत कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक यह कोई हादसा नहीं बल्कि महीनों पहले रची गई सोची-समझी साजिश थी।

डॉक्टर और रेत माफिया ने मिलकर रची थी साजिश

जांच में सामने आया है कि इस पूरी साजिश का मुख्य सूत्रधार जबलपुर का डॉक्टर अमित खरे था। पुलिस के अनुसार डॉक्टर अमित खरे और आनंद सिंह ने पुरानी रंजिश के चलते राजेंद्र पटेल की हत्या की योजना बनाई थी। करीब एक महीने पहले ही डॉक्टर अमित खरे ने आनंद सिंह से राजेंद्र पटेल को रास्ते से हटाने की बात कही थी।

आनंद सिंह ने बनाई रेकी करने वाली टीम

पुलिस के मुताबिक हत्या की योजना को अंजाम देने के लिए आनंद सिंह ने लगभग 10 लोगों की टीम तैयार की। इन लोगों का काम राजेंद्र पटेल की हर गतिविधि और लोकेशन पर नजर रखना था। कई दिनों तक उसकी रेकी की गई और सही मौके का इंतजार किया गया।

चूक ना हो इसलिए तैनात किए दो हाइवा

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने हत्या को सामान्य सड़क दुर्घटना दिखाने के लिए बेहद खतरनाक प्लान तैयार किया था। इसके लिए जबलपुर-भोपाल हाईवे की दोनों लेन पर दो अलग-अलग हाइवा ट्रकों को तैनात किया गया था, ताकि किसी भी स्थिति में लक्ष्य बच न सके।

हत्या को अंजाम देने के बाद हाइवा को जंगल में छुपाया

19 जुलाई को जैसे ही राजेंद्र पटेल अपने साथियों के साथ हाईवे पर पहुंचे, पहले से घात लगाए बैठे आनंद सिंह ने खुद हाइवा चलाते हुए राजेंद्र पटेल और उसके साथियों को कुचल दिया। इस वारदात में राजेंद्र पटेल समेत पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए। पुलिस के अनुसार घटना को अंजाम देने के तुरंत बाद सबूत मिटाने की कोशिश भी की गई। हत्या में इस्तेमाल किए गए हाइवा को जंगल में ले जाकर छिपा दिया गया ताकि पुलिस तक कोई सुराग न पहुंच सके।

एसपी ने खुद संभाली कमान

इस घटना के बाद जब मृतकों के परिजनों ने जबलपुर भोपाल मार्ग पर बेलखेड़ा में चक्काजाम किया और आनंद सिंह पर हत्या की साजिश रचने के आरोप लगाए तभी पुलिस को संदेह हुआ और एसपी ऋषिकेश मीणा ने खुद जांच शुरू की, जिसके बाद तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और लगातार पूछताछ के आधार पर पुलिस इस पूरी साजिश का पर्दाफाश करने में सफल रही। अब तक इस मामले में मुख्य आरोपी सहित 8 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

फरार साथियों की तलाश में जुटी पुलिस

इस हत्याकांड को अंजाम देने वाले मुख्य आरोपी आनंद सिंह, साजिशकर्ता डॉ. अमित खरे, रेकी करने वाले राजा पटेल, अरविंद पटेल, अनुज पटेल, अनिल पटेल और नरेंद्र ठाकुर एवं भारत पटेल को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि इस हत्याकांड में सहयोग करने वाले तीन अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं। उनकी तलाश के लिए लगातार दबिश दी जा रही है और जल्द गिरफ्तारी का दावा किया जा रहा है।

जुलूस निकालकर दिया कानून की सख्ती का संदेश

गिरफ्तार किए गए आरोपियों का नरसिंहपुर पुलिस ने शहर में जुलूस भी निकाला। इस दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस का कहना है कि समाज में अपराधियों के खिलाफ सख्त संदेश देने के उद्देश्य से यह कार्रवाई की गई। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ हत्या, आपराधिक षड्यंत्र और अन्य गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। वहीं, फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड से जुड़े और भी महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।

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