जबलपुर अग्निशमन कार्यालय (फोटो सोर्स- नवभारत) 
जबलपुर

दिल्ली अग्निकांड के बाद जबलपुर में होटलों की फायर सेफ्टी जांच तेज, 365 संस्थानों को जारी हुए नोटिस

Jabalpur Municipal Corporation: दिल्ली होटल अग्निकांड के बाद जबलपुर में फायर सेफ्टी जांच तेज हो गई है। नगर निगम ने जनवरी से अब तक 365 संस्थानों को नोटिस जारी कर फायर NOC और अन्य जानकारी मांगी है।

प्रीतेश जैन

Jabalpur Hotel Fire Safety Check: दिल्ली के एक होटल में हुए भीषण अग्निकांड के बाद मध्यप्रदेश में भी होटलों और बड़ी इमारतों की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। प्रदेश के प्रमुख शहरों में शामिल जबलपुर में भी नगर निगम द्वारा फायर सेफ्टी मानकों की समीक्षा और जांच का अभियान तेज कर दिया गया है।

तेजी से विकसित हो रहे जबलपुर शहर में होटल, व्यावसायिक प्रतिष्ठान और बहुमंजिला इमारतों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं। हालांकि नगर निगम का फायर ब्रिगेड अमला संसाधनों और क्षमता के लिहाज से काफी हद तक सक्षम माना जा रहा है, लेकिन शहर में संचालित सभी बड़े होटलों और इमारतों की सटीक संख्या का आंकड़ा फिलहाल किसी विभाग के पास उपलब्ध नहीं है।

365 संस्थानों को जारी किए गए नोटिस

इस संबंध में जब नगर निगम के महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि जनवरी 2026 से अब तक करीब 365 संस्थानों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। इन संस्थानों से फायर एनओसी, अग्नि सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों की जानकारी मांगी गई है। अधिकांश संस्थानों से जवाब प्राप्त हो चुके हैं, जबकि जिन प्रतिष्ठानों में सुरक्षा मानकों की कमी पाई गई है, उन्हें आवश्यक सुधार के निर्देश दिए गए हैं।

इन भवनों की निगरानी करता है निगम

महापौर ने बताया कि नगर निगम मुख्य रूप से उन भवनों की निगरानी करता है जिनका क्षेत्रफल 5000 वर्गफीट से अधिक है या जिनकी ऊंचाई 15 मीटर से ज्यादा है। ऐसे भवनों में फायर सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना नगर निगम की जिम्मेदारी है। वहीं अन्य श्रेणी की ऊंची इमारतों की निगरानी संबंधित केंद्रीय एजेंसियों द्वारा की जाती है।

आपदा से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार

इधर जबलपुर नगर निगम के फायर अधीक्षक का कहना है कि शहर में बढ़ते ट्रैफिक के कारण कई बार फायर ब्रिगेड वाहनों को घटनास्थल तक पहुंचने में समय लग जाता है, लेकिन अब तक ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है जहां सूचना मिलने के बाद फायर ब्रिगेड मौके पर न पहुंची हो। उन्होंने कहा कि किसी भी आपदा से निपटने के लिए विभाग पूरी तरह तैयार है और सुरक्षा मानकों के पालन पर लगातार नजर रखी जा रही है।

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