

MP National E-Governance Award 2026: राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार 2026 में मध्यप्रदेश को दो राष्ट्रीय सम्मान मिलने पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रदेशवासियों, अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि तकनीक आधारित सुशासन, नवाचार और जनसेवा के क्षेत्र में मध्यप्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर प्राप्त ये दोनों पुरस्कार पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय हैं। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार प्रशासनिक सेवाओं को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और नागरिक केंद्रित बनाने के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग कर रही है, जिसके सकारात्मक परिणाम अब राष्ट्रीय स्तर पर भी दिखाई दे रहे हैं।
राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार 2026 के अंतर्गत त्रिनेत्र-महाकालेश्वर मंदिर एवं महाकाल रुद्रसागर एकीकृत विकास क्षेत्र (MRIDA) की एआई आधारित वीडियो निगरानी प्रणाली को श्रेणी-6 में स्वर्ण पुरस्कार प्रदान किए जाने की घोषणा की गई है। यह परियोजना अत्याधुनिक तकनीक के माध्यम से सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।
इसके अलावा नगरीय विकास एवं आवास विभाग की ‘ई-नगर पालिका में साइबर सुरक्षा व्यवस्था’ को रजत पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है। यह पहल नगर निकायों की डिजिटल सेवाओं को अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में इस उपलब्धि को डिजिटल प्रशासन को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश ने पिछले कुछ सालों में डिजिटल गवर्नेंस और तकनीक आधारित सेवाओं के विस्तार में उल्लेखनीय प्रगति की है। नागरिक सुविधाओं को ऑनलाइन और अधिक सुलभ बनाने के प्रयासों का ही परिणाम है कि प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर यह सम्मान प्राप्त हुआ है।
उन्होंने इन परियोजनाओं से जुड़े सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और तकनीकी विशेषज्ञों की सराहना करते हुए कहा कि उनकी मेहनत और समर्पण से मध्यप्रदेश को यह उपलब्धि हासिल हुई है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि भविष्य में भी प्रदेश सुशासन और नवाचार के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छूता रहेगा। इन राष्ट्रीय पुरस्कारों ने एक बार फिर देशभर में मध्यप्रदेश की पहचान तकनीक आधारित प्रशासन और प्रभावी जनसेवा के मॉडल राज्य के रूप में मजबूत की है।