

Indore Fire Safety System: दिल्ली में हुए भीषण अग्निकांड के बाद नवभारत लाइव की टीम ने मध्य प्रदेश के इंदौर शहर की फायर सेफ्टी व्यवस्था की जमीनी पड़ताल की। इस पड़ताल में सामने आया कि 35 लाख की आबादी वाले इस बड़े शहर की अग्निशमन व्यवस्था कई गंभीर कमियों से जूझ रही है, जिससे आपात स्थिति में बड़े हादसों का खतरा बढ़ सकता है।
जांच के अनुसार, इंदौर नगर निगम के फायर विभाग के पास कुल 30 फायर वाहन हैं, लेकिन इनमें से करीब 10 वाहन पूरी तरह से कंडम हो चुके हैं। इसके अलावा संकरी गलियों में पहुंचने के लिए उपयोग होने वाली फायर बुलेट्स में से भी आधे से अधिक लंबे समय से खराब पड़ी हैं, जिससे रेस्क्यू ऑपरेशन की गति प्रभावित हो रही है।
सबसे चिंताजनक स्थिति हाईराइज फायर फाइटिंग सिस्टम की सामने आई है। विभाग के पास मौजूद हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म वाहन लंबे समय से खराब बताया जा रहा है, जो ऊंची इमारतों में आग बुझाने के लिए बेहद जरूरी उपकरण माना जाता है। ऐसे में शहर में बढ़ती बहुमंजिला इमारतों के बीच सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
दमकल विभाग में कर्मचारियों की भी कमी बताई जा रही है और बड़ी संख्या में आउटसोर्स कर्मियों के सहारे व्यवस्था संचालित की जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि पर्याप्त प्रशिक्षित स्टाफ की कमी आपातकालीन प्रतिक्रिया को कमजोर कर सकती है। इंदौर में तेजी से बढ़ते शहरीकरण और ऊंची इमारतों के निर्माण के बीच फायर सेफ्टी व्यवस्था की यह स्थिति चिंता का विषय बन गई है। यदि किसी बड़ी इमारत में आग जैसी घटना होती है तो संसाधनों की कमी राहत कार्यों में बाधा बन सकती है।
दूसरी ओर दिल्ली हादसे के बाद होटल एसोसिएशन ने पूरे प्रदेश में फायर सेफ्टी ऑडिट दोबारा कराने की मांग उठाई है। इंदौर में लगभग 300 पंजीकृत होटलों के पास फायर एनओसी मौजूद है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि केवल एनओसी पर्याप्त नहीं है, बल्कि नियमित निरीक्षण और जमीनी स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था की जांच जरूरी है। दमकल विभाग की इस स्थिति ने इंदौर नगर निगम की तैयारियों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन इस व्यवस्था को सुधारने के लिए क्या कदम उठाता है।