Highlights:
गौरीघाट पर 51 हजार दीपों से रोशन हुआ मां नर्मदा का तट।
'एक दीप, समृद्धि के नाम' थीम पर हुआ भव्य आयोजन।
आतिशबाजी और लेजर शो ने श्रद्धालुओं का मन मोहा।
Jabalpur Gauri Ghat Deepotsav : संस्कारधानी जबलपुर में दीपोत्सव के मौके पर आस्था और रोशनी का अद्भुत संगम देखने को मिला। शनिवार शाम प्रसिद्ध गौरीघाट पर 51 हजार दीपों की रोशनी से मां नर्मदा का तट जगमगा उठा। घाट पर दूर-दूर तक जलते दीपों की कतारें नजर आईं। इस नजारे को देखने और दीपोत्सव में शामिल होने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु और शहरवासी पहुंचे। पूरा गौरीघाट मां नर्मदा के जयकारों से गूंज उठा।
कैबिनेट मंत्री राकेश सिंह की पहल पर आयोजित इस दीपोत्सव की थीम 'एक दीप, समृद्धि के नाम' रखी गई। शाम 5:30 बजे दीप प्रज्वलन का कार्यक्रम शुरू हुआ। आयोजन के जरिए मां नर्मदा के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने के साथ जबलपुर, मध्यप्रदेश और पूरे देश की सुख-समृद्धि की कामना की गई। बड़ी संख्या में लोगों ने दीप जलाकर इस आयोजन में सहभागिता की।
दीपों से सजे गौरीघाट के साथ दूसरे तट पर आतिशबाजी और लेजर शो का विशेष प्रदर्शन किया गया। आसमान में रंग-बिरंगी आतिशबाजी और लेजर की रोशनी ने आयोजन को और आकर्षक बना दिया। घाट पर मौजूद श्रद्धालुओं ने इस नजारे का आनंद लिया। इस दौरान नर्मदा तट पर जयकारों और उत्साह का माहौल बना रहा।
आयोजन में श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए जबलपुर नगर निगम ने भी व्यापक तैयारियां की थीं। गौरीघाट और उमा घाट पर साफ-सफाई, सौंदर्यीकरण, विद्युत सजावट और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की गई। नगर निगम आयुक्त अग्रिम कुमार के निर्देशन में स्वास्थ्य अधिकारी अभिनव मिश्रा की देखरेख में तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया।
जबलपुर का दीपोत्सव अब संस्कारधानी की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा बन चुका है। मंत्री राकेश सिंह की पहल से शुरू हुई यह परंपरा इस साल पांचवें वर्ष में पहुंच गई। पिछले साल भी गौरीघाट पर 51 हजार दीप प्रज्वलित किए गए थे। हर साल की तरह इस बार भी आयोजन में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी ने मां नर्मदा के प्रति शहरवासियों की आस्था और सामूहिक सहभागिता को प्रदर्शित किया।