

Highlights:
कटनी नगर निगम के द्वितीय श्रेणी लिपिक आलोक कुमार गर्ग को लोकायुक्त ने पकड़ा।
NOC जारी करने के बदले 20 हजार रुपये रिश्वत लेने का आरोप।
शिकायतकर्ता ने प्लॉट पर गोदाम बनाने के लिए बैंक से ऋण मांगा था।
23 अक्टूबर 2026 को संपदा शाखा के कक्ष क्रमांक 41 में ट्रैप कार्रवाई हुई।
आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।
Katni Municipal Corporation Bribery Case : कटनी नगर निगम में पदस्थ द्वितीय श्रेणी लिपिक आलोक कुमार गर्ग को लोकायुक्त जबलपुर की टीम ने 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा है। आरोप है कि लिपिक ने प्लॉट पर गोदाम बनाने के लिए बैंक से ऋण लेने की प्रक्रिया में जरूरी अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी करने के बदले रिश्वत मांगी थी। लोकायुक्त ने 23 अक्टूबर 2026 को नगर निगम की संपदा शाखा के कक्ष क्रमांक 41 में ट्रैप कार्रवाई की।
लोकायुक्त से मिली जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता अशोक कुमार कनकने (69), निवासी शक्तिनगर, कटनी ने वर्ष 2025 में नगर निगम से 2,000 वर्गफुट का प्लॉट लीज पर लिया था। इस प्लॉट पर गोदाम बनाने के लिए उन्होंने बैंक ऑफ बड़ौदा से ऋण लेने के उद्देश्य से संपर्क किया। बैंक ने ऋण प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए नगर निगम से NOC लाने को कहा था।
शिकायतकर्ता ने 24 सितंबर 2026 को नगर निगम में NOC के लिए आवेदन दिया था। आरोप है कि इस प्रमाण पत्र को जारी करने के बदले द्वितीय श्रेणी लिपिक आलोक गर्ग ने 25 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। बाद में बातचीत के दौरान वह 20 हजार रुपये लेने के लिए तैयार हो गया। इसके बाद शिकायतकर्ता ने लोकायुक्त से इसकी शिकायत की।
शिकायत के आधार पर लोकायुक्त जबलपुर की टीम ने रिश्वत लेते हुए आरोपी को पकड़ने की योजना बनाई। 23 अक्टूबर को नगर निगम की संपदा शाखा स्थित कक्ष क्रमांक 41 में कार्रवाई की गई। टीम ने कथित तौर पर 20 हजार रुपये लेते हुए आलोक कुमार गर्ग को रंगे हाथों पकड़ लिया। आरोपी की उम्र 61 वर्ष बताई गई है।
जबलपुर लोकायुक्त के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधन 2018) की धारा 7, 13(1)(B) और 13(2) के तहत कार्रवाई की जा रही है। यह ट्रैप कार्रवाई लोकायुक्त पुलिस महानिदेशक योगेश देशमुख के निर्देश और पुलिस उप महानिरीक्षक मनोज सिंह के मार्गदर्शन में हुई। कार्रवाई में टीएलओ रेखा प्रजापति, निरीक्षक राहुल गजभिये, निरीक्षक शशि मस्कुले सहित लोकायुक्त जबलपुर के अन्य सदस्य शामिल रहे।