Rahul Gandhi Indore Visit : राहुल गांधी के प्रस्तावित इंदौर दौरे को लेकर मध्य प्रदेश की सियासत गरमाती जा रही है। कांग्रेस की ओर से नेहरू स्टेडियम में कार्यक्रम की अनुमति को लेकर सवाल उठाए जाने के बाद अब भाजपा ने पलटवार किया है। भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी को पत्र लिखकर राहुल गांधी के कार्यक्रम के लिए तीन वैकल्पिक स्थान सुझाए हैं। इनमें अभय प्रशाल, दशहरा मैदान और सुपर कॉरिडोर शामिल हैं। भाजपा के इस पत्र के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है कि विवाद वास्तव में कार्यक्रम स्थल को लेकर है या फिर राहुल गांधी के इंदौर दौरे को लेकर।
सुमित मिश्रा ने अपने पत्र में कांग्रेस को कार्यक्रम के लिए अभय प्रशाल, दशहरा मैदान और सुपर कॉरिडोर का विकल्प दिया है। खास तौर पर कांग्रेस की ओर से करीब 50 हजार विद्यार्थियों से राहुल गांधी के संवाद के दावे को देखते हुए भाजपा ने सुपर कॉरिडोर को उपयुक्त स्थान बताया है। भाजपा का तर्क है कि बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के कार्यक्रम के लिए वहां पर्याप्त जगह उपलब्ध हो सकती है।
भाजपा के वैकल्पिक स्थलों के सुझाव के बाद कांग्रेस की ओर से भी सवाल उठाए जा सकते हैं। कांग्रेस का कहना है कि यदि शहर में कार्यक्रम के लिए इतने विकल्प उपलब्ध हैं तो नेहरू स्टेडियम को लेकर स्थिति स्पष्ट करने में परेशानी क्यों हो रही है। कांग्रेस पहले ही आरोप लगा चुकी है कि राहुल गांधी के कार्यक्रम के लिए नेहरू स्टेडियम की अनुमति नहीं दी जा रही है। ऐसे में भाजपा का पत्र अब इस पूरे विवाद को और राजनीतिक रंग देता नजर आ रहा है।
कार्यक्रम स्थल को लेकर शुरू हुआ विवाद अब भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप में बदलता दिखाई दे रहा है। कांग्रेस इसे कार्यक्रम में अड़चन और राजनीतिक दबाव के तौर पर उठा सकती है, जबकि भाजपा इसे आयोजन को लेकर सहयोग की पेशकश बता रही है। अब निगाहें प्रशासन के फैसले पर हैं कि नेहरू स्टेडियम में कार्यक्रम की अनुमति मिलती है या कांग्रेस को किसी वैकल्पिक स्थल का रुख करना पड़ता है।
सुमित मिश्रा के पत्र में राहुल गांधी पर भी तीखे राजनीतिक तंज किए गए हैं। उन्होंने राहुल गांधी पर सनातन, भारत और वंदे मातरम् के विरोध में खड़े होने का आरोप लगाया है। पत्र में राहुल गांधी के लिए ‘युवराज’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए युवाओं के बीच उनकी स्वीकार्यता पर भी सवाल उठाए गए हैं। कांग्रेस को लेकर भी पत्र में तीखी राजनीतिक टिप्पणी की गई है। इससे साफ है कि कार्यक्रम स्थल का विवाद अब वैचारिक और राजनीतिक बहस में बदल चुका है।
भाजपा नगर अध्यक्ष ने कांग्रेस से इंदौर को लेकर दुष्प्रचार नहीं करने की अपील की है। उनका कहना है कि इंदौर की अपनी सौहार्दपूर्ण राजनीतिक परंपरा रही है और इसी भावना के तहत कांग्रेस को कार्यक्रम के लिए वैकल्पिक स्थान सुझाए गए हैं। हालांकि, कांग्रेस इसे किस नजरिए से लेती है, यह उसके अगले कदम और प्रतिक्रिया से साफ होगा। फिलहाल दोनों दलों के बीच बयानबाजी तेज होने के आसार हैं।
राहुल गांधी का प्रस्तावित इंदौर दौरा राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऐसे में कार्यक्रम स्थल को लेकर शुरू हुआ विवाद आने वाले दिनों में बड़ा सियासी मुद्दा बन सकता है। कांग्रेस अनुमति को लेकर सरकार और प्रशासन पर सवाल उठा रही है, वहीं भाजपा तीन विकल्प सुझाकर आयोजन का रास्ता खुला होने का संदेश दे रही है। अब देखना होगा कि कांग्रेस नेहरू स्टेडियम पर अड़ती है या सुझाए गए विकल्पों में से किसी स्थल को चुनती है। फिलहाल राहुल गांधी के इंदौर पहुंचने से पहले ही शहर में सियासी पारा चढ़ गया है।