SCO Summit में PM मोदी की हुंकार, शहबाज के सामने उठाया आतंकवाद का मुद्दा, बताया क्या है भारत का विजन

PM Modi in SCO Summit 2026: बिश्केक में 26वें SCO शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस, संप्रभुता का सम्मान और कूटनीति से विवाद सुलझाने पर जोर दिया।
PM Modi in SCO Summit 2026
SCO शिखर सम्मेलन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संबोधित किया(सोर्स- @narendramodi)
Published on
Updated on

PM Modi SCO Summit Speech: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित 26वें शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन को संबोधित किया। इस दौरान पीएम मोदी ने SCO में भारत के मुख्य विज़न के बारे में बताया, जो सुरक्षा, कनेक्टिविटी और अवसर के तीन बुनियादी पिलर्स के आस-पास है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, अब इन तीन पिलर्स को 'विजन' से आगे ले जाकर 'ठोस नतीजों' की ओर ले जाने का समय है। उन्होंने 10-सदस्यीय समूह से बातचीत और सहयोग की अपनी 25 साल की नींव को ठोस नतीजों में बदलने की अपील की, और सदस्य देशों से ग्लोबल अनिश्चितता और अस्थिरता के बीच अपनी साझी जगह को साझा मौकों में बदलने का आग्रह किया।

मजबूत नीव को नतीजों में बदलने का समय 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने SCO शिखर सम्मेलन में बोलते हुए कहा कि, संगठन  25 सालों के इतिहास में हमने सहयोग के लिए एक मजबूत नींव तैयार की है। अब अगले 25 सालों में हमारा लक्ष्य इस सहयोग को ठोस नतीजों में बदलना होना चाहिए। उन्होंने कहा, आज जब दुनिया अनिश्चितता और अस्थिरता से गुजर रही है, तो हमें अपनी साझा जगह को साझा मौकों में बदलना होगा। अपनी कोशिशों से, हमें अपने लोगों की जिंदगी में अच्छे बदलाव लाने होंगे। 

पीएम मोदी ने SCO के सदस्य देशों से आतंकवाद और उसकी वित्तपोषण के खिलाफ मिलकर काम करने की अपील की। सबसे दिलचस्प बात यह है कि पीएम मोदी जब यह मुद्दा उठाया तब हॉल में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ भी मौजूद थे। ​प्रधानमंत्री ने लड़ाई-झगड़े की जगह बातचीत पर भी जोर दिया और कहा कि कनेक्टिविटी प्लान में संप्रभुता का सम्मान होना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने सभी देशों से आतंकवाद के मुद्दे पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने की भी अपील की। 

किर्गिस्तान को स्वतंत्रता दिवस की बधाई 

किर्गिस्तान के स्वतंत्रता दिवस और वर्ल्ड नोमैड गेम्स का जिक्र करते हुए, पीएम मोदी ने कहा कि उद्घाटन समारोह में देश की समृद्ध संस्कृति और साझी विरासत की झलक देखने को मिली। उन्होंने कहा, यह साझी विरासत और आपसी जुड़ाव SCO परिवार की एक बड़ी ताकत है।

उन्होंने अफगानिस्तान में शांति और स्थिरता को शांतिपूर्ण और सुरक्षित यूरेशिया के बड़े लक्ष्य से भी जोड़ा। उन्होंने कहा, भारत अफगानिस्तान के लोगों के विकास और मानवीय मदद में योगदान देता रहा है और आगे भी देता रहेगा।

सभी तनावों का हल लड़ाई के मैदान में नहीं

मिडिल ईस्ट संकट पर पीएम मोदी ने कहा कि झगड़ों का असर उनके आस-पास के इलाके से कहीं अधिक दूर तक हो सकता है, जिसका असर पूरी दुनिया की ऊर्जा सुरक्षा, समुद्री व्यापार और सप्लाई चेन पर पड़ सकता है।

उन्होंने कहा, ग्लोबल साउथ के देशों को इसका सबसे अधिक खामियाजा भुगतना पड़ता है। इसलिए, भारत की अपील रही है कि सभी तनावों और युद्धों का हल लड़ाई के मैदान में नहीं, बल्कि सिर्फ बातचीत और कूटनीति से ही मुमकिन है।

नशीले पदार्थे युवाओं की सुरक्षा के लिए खतरा

पीएम मोदी ने नशीले पदार्थों की तस्करी को भी युवाओं और इलाके की सुरक्षा के लिए खतरा बताया। PM मोदी ने आगे कहा, नशीले पदार्थों की तस्करी सिर्फ एक जुर्म नहीं है, बल्कि हमारी युवा पीढ़ी और इलाके की सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा है। सुरक्षा खतरों, संगठित अपराध, सूचना सुरक्षा और नशीले पदार्थों जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए SCO के तहत बनाए जा रहे सेंटर एक सकारात्मक कदम हैं। हमें उन्हें व्यावहारिक समन्वय और समय पर कार्रवाई के लिए असरदार जरिया बनाना चाहिए।

भारत बाजारों को जोड़ने वाली कोशिशों का समर्थक 

उन्होंने कहा कि भारत उन कोशिशों का समर्थन करता है जो बाजारों को जोड़ते हैं, व्यापार को आसान बनाते हैं और विकास के नए रास्ते खोलते हैं। साथ ही उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सभी देशों की संप्रभुता और इलाके की अखंडता का सम्मान जरूरी है। उन्होंने कहा, यह SCO चार्टर की मुख्य भावना है।

सीधे लोगों तक पहुंचे फायदा 

प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के विजन के तीसरे पिल्लर ‘अवसर’ को लेकर कहा कि SCO सहयोग का फायदा सीधे लोगों तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने कहा, हमारी सबसे बड़ी संपत्ति हमारे लोगों के बीच आपसी संबंध हैं। भारत के लिए, SCO महान सभ्यताओं, संस्कृतियों और विचारों का संगम है। SCO के अगले पच्चीस सालों में लोगों के बीच संबंध हमारे सहयोग के केंद्र में होने चाहिए।

PM Modi in SCO Summit 2026
SCO Summit 2026: PM मोदी और शी जिनपिंग की गर्मजोशी से मुलाकात, दूर से मुंह देखते रह गए शहबाज शरीफ- VIDEO

उन्होंने कहा हमारी सफलता का असली टेस्ट यह होना चाहिए। हमारी कोशिशों ने युवाओं के लिए कितने नए मौके बनाए, हमारे उद्यमियों के लिए कितने नए बाजार खुले, हमारे किसानों को तकनीकी का कितना फायदा मिला, और हमारे नागरिकों का जीवन कितना बेहतर हुआ। प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि यही 'सुरक्षा, कनेक्टिविटी और अवसर' का असली मतलब है। 

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com