Madhya Pradesh Collector Conference: मध्य प्रदेश में सुशासन और बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कलेक्टरों और वरिष्ठ अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया है। कलेक्टर कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे अपनी जिम्मेदारियों को गंभीरता से निभाएं और बैठकों में पूरी तैयारी के साथ शामिल हों।
उन्होंने विशेष रूप से इंदौर कलेक्टर से कहा कि आप टॉपर हैं, इंटेलिजेंट हैं, लेकिन मोबाइल देखकर जवाब न दें। मुख्य सचिव ने यह भी स्पष्ट किया कि अधिकारी तकनीक का उपयोग करें, लेकिन निर्णय क्षमता और तैयारी का विकल्प केवल मोबाइल नहीं हो सकता।
मुख्य सचिव अनुराग जैन की अध्यक्षता में आयोजित कलेक्टर कॉन्फ्रेंस में प्रदेश के विकास कार्यों और प्रशासनिक व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की गई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आम जनता से जुड़ी योजनाओं का क्रियान्वयन सरल और पारदर्शी तरीके से किया जाए। उन्होंने कहा कि अधिकारी मैदानी स्तर पर सक्रिय रहें, जनता की समस्याओं को प्राथमिकता दें और हर बैठक में तथ्यों एवं आंकड़ों के साथ पूरी तैयारी से उपस्थित हों।
कॉन्फ्रेंस में "विकसित मध्य प्रदेश" के लक्ष्य को हासिल करने के लिए कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने सभी जिलों में बेहतर मास्टर प्लान तैयार करने, औद्योगिक निवेश बढ़ाने और निवेशकों को आकर्षित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सीएम गतिशक्ति पोर्टल पर सभी निर्माण कार्यों और विकास परियोजनाओं की नियमित अपडेटिंग सुनिश्चित करने को कहा, ताकि परियोजनाओं की प्रभावी निगरानी हो सके। साथ ही खाली पड़े शासकीय स्कूल भवनों का उपयोग आयुष वेलनेस सेंटर, उप-स्वास्थ्य केंद्र और आंगनवाड़ी के रूप में करने के निर्देश भी दिए गए।
डीजीपी कैलाश मकवाना की मौजूदगी में कानून-व्यवस्था की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने जिला स्तर पर डीएम-एसपी और एसडीएम-एसडीओपी के संयुक्त भ्रमण के निर्देश दिए। स्कूल और कॉलेजों के आसपास के क्षेत्रों को ड्रग फ्री जोन बनाने तथा साइबर फ्रॉड के खिलाफ व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने पर भी जोर दिया गया। वहीं, पॉक्सो एक्ट के मामलों में एक महीने के भीतर चार्जशीट दाखिल करने का लक्ष्य तय किया गया।
मुख्य सचिव ने शिक्षा विभाग को सरकारी और निजी स्कूलों में शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने ऐतिहासिक पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण का कार्य तेज करने पर भी बल दिया। इसके अलावा प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना में मध्य प्रदेश के प्रथम स्थान पर रहने की सराहना करते हुए श्रमिक कल्याण योजनाओं को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।
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पशु आश्रय स्थलों और एबीसी सेंटर के निर्माण को भी प्राथमिकता देने के लिए अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुशासन तभी संभव है, जब प्रशासन जवाबदेह, संवेदनशील और परिणामोन्मुख होकर कार्य करे।