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इंदौर के रावजी बाजार थाना क्षेत्र स्थित पहचान नशा मुक्ति केंद्र में युवक ने आत्महत्या की।
सचिन लोधी करीब एक महीने से अधिक समय से केंद्र में भर्ती था।
युवक की मौत के बाद केंद्र में भर्ती 70 से ज्यादा मरीज फरार हो गए।
मरीजों के गेट से कूदकर भागने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल।
Indore Nasha Mukti Kendra Incident : इंदौर के रावजी बाजार थाना क्षेत्र में संचालित पहचान नशा मुक्ति केंद्र में एक युवक की आत्महत्या के बाद हड़कंप मच गया। केंद्र में इलाज करा रहे सचिन लोधी ने वॉशरूम में फांसी लगाकर जान दे दी।
घटना के बाद केंद्र में अफरा-तफरी फैल गई और वहां भर्ती 70 से अधिक मरीज परिसर से फरार हो गए। मरीजों के गेट से कूदकर भागने का वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। घटना के बाद केंद्र की सुरक्षा व्यवस्था और प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक, सचिन सुबह नहाने की बात कहकर वॉशरूम में गया था। काफी देर तक उसके बाहर नहीं आने पर केंद्र के सिक्योरिटी गार्ड को शक हुआ। करीब एक घंटे बाद वॉशरूम का दरवाजा तोड़कर देखा गया तो सचिन फंदे पर लटका मिला। केंद्र में मौजूद लोगों ने आनन-फानन में उसे नीचे उतारा और उपचार के लिए एमवाय अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मृतक के जीजा केशव लोधी के मुताबिक, सचिन को करीब एक महीने और तीन दिन पहले पहचान नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि घटना वाली सुबह ही उन्होंने केंद्र में पैसे जमा करने के साथ डिपॉजिट भी दिया था। इसके कुछ ही देर बाद उन्हें फोन पर सचिन की आत्महत्या की सूचना दी गई। युवक की मौत के बाद परिजनों ने केंद्र प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उन्होंने केंद्र में भर्ती मरीजों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं।
घटना के बाद केंद्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इसी दौरान वहां इलाज करा रहे 70 से अधिक मरीज मौके का फायदा उठाकर भाग निकले। सामने आए वीडियो में कुछ मरीज मुख्य गेट से कूदकर बाहर निकलते दिखाई दे रहे हैं। घटना के बाद केंद्र में मरीजों की निगरानी और सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। एक साथ इतनी बड़ी संख्या में मरीजों के फरार होने से केंद्र के प्रबंधन की व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
केंद्र के सुरक्षा अधिकारी बिट्टू सिंह के अनुसार, सचिन को सुबह नहाने के लिए भेजा गया था। इसी दौरान उसने वॉशरूम का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया और आत्महत्या कर ली। वहीं, घटना के बाद फरार हुए मरीजों की जानकारी जुटाने के लिए इंदौर पुलिस ने केंद्र संचालकों से सभी मरीजों के घर के पते और अन्य जानकारियां मांगी हैं। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि फरार मरीज सुरक्षित अपने घर पहुंच गए हैं या नहीं। फिलहाल घटना ने नशा मुक्ति केंद्रों में मरीजों की सुरक्षा, निगरानी और प्रबंधन व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।