Indore Illegal Liquor Network : इंदौर जिले में अवैध शराब के क्रय-विक्रय, परिवहन और संग्रहण के खिलाफ आबकारी विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। विभाग की टीम ने लगातार दो दिनों में अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई करते हुए 1000 से अधिक पेटियां अवैध शराब जब्त की हैं। जब्त शराब की कुल अनुमानित कीमत एक करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है। दोनों मामलों में प्रकरण दर्ज कर शराब की सप्लाई से जुड़े नेटवर्क की जांच शुरू कर दी गई है।
आबकारी विभाग की टीम गश्त के दौरान इंदौर बायपास क्षेत्र में संदिग्ध कंटेनर को रोककर उसकी जांच की। तलाशी लेने पर कंटेनर के अंदर हरियाणा और पंजाब निर्मित शराब की 500 से अधिक पेटियां मिलीं। जब्त शराब की अनुमानित कीमत करीब 55 लाख रुपये बताई गई है। विभाग ने शराब के साथ कंटेनर को भी अभिरक्षा में लिया है और वाहन चालक के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दूसरी कार्रवाई देव नगर क्षेत्र में पंचमुखी हनुमान मंदिर से आरटीओ की ओर जाने वाले मार्ग पर की गई। यहां आबकारी विभाग की टीम ने संदिग्ध एम बूस्टर प्लस आयशर वाहन की तलाशी ली। वाहन से करीब 500 पेटियां शराब बरामद हुईं। शराब 180 एमएल धारिता के पाव में रखी गई थी। जब्त मदिरा की अनुमानित कीमत करीब 45 लाख रुपये बताई गई है।
लगातार हो रही कार्रवाई के बाद इंदौर से दूसरे राज्यों तक अवैध शराब की सप्लाई करने वाले नेटवर्क को लेकर भी जांच तेज हो गई है। पिछले कुछ मामलों में सामने आए तथ्यों के आधार पर गुजरात तक अवैध शराब पहुंचाए जाने की आशंका जताई गई है। हालांकि, मौजूदा दोनों मामलों में शराब का अंतिम गंतव्य और गुजरात कनेक्शन जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
आबकारी विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि इतनी बड़ी मात्रा में शराब कहां से लाई गई थी और इसे कहां पहुंचाया जाना था। जांच में शराब के स्रोत, वाहन मालिकों, चालकों और सप्लाई से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, जांच में जिन लोगों की संलिप्तता सामने आएगी, उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
दोनों कार्रवाई को जोड़ें तो आबकारी विभाग ने महज दो दिनों में 1000 से अधिक पेटियां अवैध शराब जब्त की हैं। इसकी अनुमानित कीमत करीब 1 करोड़ रुपये से ज्यादा बताई गई है। इतनी बड़ी मात्रा में शराब पकड़े जाने के बाद इंदौर में सक्रिय अवैध शराब सप्लाई नेटवर्क पर भी सवाल उठ रहे हैं। अब जांच में यह सामने आना बाकी है कि इस नेटवर्क के पीछे कौन लोग हैं और शराब की सप्लाई किन रास्तों से की जा रही थी।