

Satya Niketan Building Collapse: दिल्ली के सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे को लेकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सख्त रुख अपनाया है। सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हालात का पूरा जायजा लिया। उन्होंने बताया कि बेसमेंट में पानी भरने के कारण पिलर कमजोर हो गए थे, जिसके कारण पूरी बिल्डिंग ढह गई।
सीएम रेखा गुप्ता ने कहा, लगभग 80% मलबा हटा दिया गया है। सिर्फ बेसमेंट का मलबा बचा है। यह बहुत पुरानी इमारत थी। बेसमेंट में पानी भरने से इसके पिलर कमजोर हो गए, जिससे पूरी इमारत गिर गई। इस मामले में कार्रवाई पहले ही की जा चुकी है और इमारत के मालिक के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
सत्य निकेतन के बाद ऐसा कोई दूसरा हादसा न हो इसके लिए इसके ठीक पीछे बनी इमारत को पूरी तरह खाली करा लिया गया है। सीएम रेखा गुप्ता ने बताया कि पीछे बनी बिल्डिंग को एहतियात के तौर पर गिरा दिया जाएगा।
सरकार नगर निगम के अधिकारियों के साथ मिलकर एक ऐसी पॉलिसी बना रहे हैं जिसके तहत 20, 30 या 40 साल पुरानी इमारतों को स्ट्रक्चरल ऑडिट रिपोर्ट जमा करनी होगी और अपनी सुरक्षा को प्रमाणित करना होगा। ताकि यह पक्का किया जा सके कि पब्लिक डोमेन में चलने वाली सभी जगहों जैसे PG अकोमोडेशन, नर्सिंग होम और स्कूल का समय-समय पर स्ट्रक्चरल ऑडिट हो।
इसके बिना, उन्हें उस जगह पर कोई भी सार्वजनिक सेवा या सुविधा जैसे PG अकोमोडेशन, नर्सिंग होम, स्कूल या कोई अन्य गतिविधि चलाने का अधिकार नहीं होगा। इस संबंध में कड़े नियम लागू किए जाएंगे। साथ ही, जिन अधिकारियों की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। उन्हें तुरंत सस्पेंड कर दिया जाएगा।
रेखा गुप्ता ने बताया कि सभी अधिकारियों और म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन को कड़े निर्देश दिए गए हैं। इसमें शामिल किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा। सस्पेंशन के आदेश आज ही जारी कर दिए जाएंगे। हम इन छात्रों के साथ पूरी तरह खड़े हैं। हमने म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी छात्र को कोई परेशानी न हो। सरकार की ओर से हम सभी सुविधाएं उपलब्ध कराएंगे।
सीएम रेखा गुप्ता ने आगे बताया कि जिन इमारतों को स्ट्रक्चरल रूप से सुरक्षित प्रमाणित नहीं किया जाएगा, उनमें किसी भी तरह की पब्लिक एक्टिविटी की इजाजत नहीं होगी। हम छात्रों को असुरक्षित PG अकोमोडेशन में रहने नहीं देंगे।
इलाके से निकाले गए छात्रों के रहने की व्यवस्था कर दी गई है और सरकार उनकी जरूरतों और भलाई का पूरा ध्यान रख रही है। हम इस घटना से प्रभावित लोगों के माता-पिता के भी सीधे संपर्क में हैं। लापरवाही या चूक के दोषी पाए जाने वाले किसी भी अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।