

Seoni Illegal Liquor Case : सिवनी जिले के केवलारी क्षेत्र में गांव-गांव अवैध रूप से शराब बिक्री कराए जाने का मामला सामने आया है। ग्राम अहरबाड़ा में स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने एक मोटरसाइकिल से बड़ी मात्रा में देशी-विदेशी शराब पकड़ी। महिलाओं ने आरोप लगाया कि शराब ठेकेदार द्वारा आबकारी विभाग और पुलिस से सांठगांठ कर एजेंटों के माध्यम से गांवों में शराब बिकवाई जा रही है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
महिलाओं के मुताबिक, अहरबाड़ा में मोटरसाइकिल क्रमांक MP-20 ZH-9565 से 8 पेटी सफेद पाव, एक पेटी एमडी रम और एक पेटी बीयर केन पकड़े गए। इसके बाद 112 पर सूचना दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और शराब को थाने ले जाया गया। महिलाओं का कहना है कि मौके पर तत्काल पंचनामा और कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने शराब लाने वाले व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
कार्रवाई की मांग को लेकर महिलाएं अहरबाड़ा से करीब 15 किलोमीटर दूर केवलारी थाने पहुंचीं। उनके अनुसार, बीट प्रभारी एएसआई जय कुमार चौहान को भी मौके पर बुलाया गया था। महिलाओं का आरोप है कि रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए उन्हें करीब तीन घंटे तक मशक्कत करनी पड़ी।
पुलिस थाना केवलारी में आबकारी एक्ट की धारा 34(1) के तहत तीन प्रकरण दर्ज किए गए हैं। सामने आई जानकारी के अनुसार अपराध क्रमांक 319/26 में मनोज पिता भिखारी सिंह राजपूत से 70 पाव देशी शराब और 8 पाव एमडी शराब जब्त की गई। वहीं अपराध क्रमांक 320/26 में मुख्तार सिंह राजपूत पिता नरेश सिंह राजपूत से 80 पाव देशी शराब जब्त किए जाने का उल्लेख है।
अपराध क्रमांक 321/26 में ओमकार पिता चंदन लाल से 60 पाव देशी शराब और 9 बीयर जब्त किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा छींदा शराब दुकान के गद्दीदार संतोष सिरसाम के विरुद्ध भी प्रकरण दर्ज किया गया है।
महिलाओं का कहना है कि उन्होंने मौके पर 8 पेटी देशी शराब, एक पेटी एमडी रम और एक पेटी बीयर पकड़ी थी, जबकि पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज जब्ती की मात्रा इससे काफी कम है। इसी अंतर को लेकर महिलाओं ने पूरे मामले में पारदर्शी जांच की मांग की है। उनका कहना है कि मौके पर पकड़ी गई शराब और पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज जब्ती का मिलान कराया जाना चाहिए।
महिलाओं ने आरोप लगाया कि केवलारी-छींदा क्षेत्र के शराब ठेके के जरिए बोथिया, गंगाटोला, ग्वारी, डोब, अहरबाड़ा, बगलई सहित अन्य गांवों में एजेंटों के माध्यम से शराब पहुंचाई और बेची जा रही है। उनका कहना है कि गांवों में आसानी से शराब उपलब्ध होने से युवा पीढ़ी प्रभावित हो रही है और घरेलू विवाद व हिंसा की स्थिति भी बढ़ सकती है।
महिलाओं ने आबकारी विभाग और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से गांव-गांव शराब बिक्री के आरोपों की जांच कराने की मांग की है। साथ ही अहरबाड़ा में पकड़ी गई शराब और थाने में दर्ज जब्ती की मात्रा का मिलान कर वास्तविक स्थिति सामने लाने की मांग की गई है।