

Khandwa Illegal Liquor : ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती अवैध कच्ची शराब की बिक्री और नशे के खिलाफ खंडवा में महिलाओं ने मोर्चा खोल दिया है। ग्राम पंचायत सेगवाल की संयुक्त महिला समिति की 100 से अधिक महिलाएं गांव-गांव पहुंचकर लोगों को नशे से दूर रहने के लिए जागरूक कर रही हैं। अभियान के दौरान सामने आ रही परेशानियों को लेकर समिति ने बुधवार को कलेक्टर को आवेदन सौंपकर अवैध शराब कारोबारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और महिलाओं को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की।
महिला समिति का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में कच्ची शराब और अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। महिलाएं गांवों में पहुंचकर लोगों को नशे के दुष्परिणामों के बारे में जागरूक कर रही हैं और अवैध शराब की बिक्री रोकने के लिए लोगों से सहयोग की अपील कर रही हैं। समिति के मुताबिक, अभियान के चलते कुछ स्थानों पर अवैध शराब की बिक्री पर रोक लगाने में सफलता भी मिली है।
महिला समिति ने कलेक्टर को दिए आवेदन में आरोप लगाया कि जब महिलाएं अवैध शराब बेचने वालों को समझाने और बिक्री रोकने के लिए पहुंचती हैं, तो कुछ महिला-पुरुष उनके साथ विवाद करने लगते हैं। समिति का आरोप है कि कई जगह गाली-गलौज और मारपीट की स्थिति भी बन जाती है। ऐसे हालात में महिलाओं को अपनी सुरक्षा की चिंता सताने लगी है।
महिलाओं ने आशंका जताई कि यदि समय पर पुलिस और प्रशासन की मदद नहीं मिली तो नशामुक्ति अभियान के दौरान कोई अप्रिय घटना हो सकती है। इसी वजह से समिति ने मांग की है कि अभियान चलाने वाली महिलाओं को आवश्यक पुलिस और प्रशासनिक सहायता उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे बिना डर के गांवों में जागरूकता अभियान जारी रख सकें।
समिति ने कलेक्टर से अवैध कच्ची शराब बेचने वालों के खिलाफ पुलिस और आबकारी विभाग के माध्यम से प्रभावी कार्रवाई की मांग की है। महिलाओं का कहना है कि सिर्फ कार्रवाई करने के बजाय ग्रामीण इलाकों में अवैध शराब के नेटवर्क पर लगातार निगरानी की जरूरत है, ताकि बिक्री दोबारा शुरू न हो सके।
महिला समिति ने कहा कि उनका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों को नशे के बढ़ते प्रभाव से बचाना और परिवारों को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराना है। महिलाओं ने प्रशासन से उन लोगों के खिलाफ भी कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है, जो नशामुक्ति अभियान का विरोध करते हुए महिलाओं के साथ विवाद या मारपीट का प्रयास करते हैं। अब समिति की शिकायत पर प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई का इंतजार है।