CM Mohan Yadav and Kailash Vijayvargiya : इंदौर के गांधी नगर में भाजपा के बड़े आयोजन के दौरान मंच से हुई दो टिप्पणियों ने कार्यक्रम के बाद पार्टी के अंदरूनी समीकरणों को लेकर चर्चा शुरू कर दी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आयोजन की तैयारियों और रूपरेखा का जिक्र करते हुए भाजपा प्रदेश महामंत्री गौरव रणदिवे की भूमिका की तारीफ की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे आयोजन की रचना और रूपरेखा रणदिवे के नेतृत्व में तैयार हुई। इसके बाद मंच पर पहुंचे मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी इसी बात का उल्लेख किया, लेकिन अपने अलग अंदाज में, जिसको लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आयोजन की तैयारियों का उल्लेख करते हुए प्रदेश महामंत्री गौरव रणदिवे के नेतृत्व की बात कही। सार्वजनिक मंच से मिली इस तारीफ के बाद कार्यक्रम में संगठन की ओर से रणदिवे की भूमिका चर्चा में आ गई। भाजपा के बड़े आयोजन में व्यवस्थाओं और तैयारियों को लेकर उनकी जिम्मेदारी का मुख्यमंत्री की ओर से उल्लेख किया गया।
मुख्यमंत्री के संबोधन के बाद कैलाश विजयवर्गीय ने मंच संभाला। उन्होंने मुख्यमंत्री की टिप्पणी का जिक्र करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री का आभार, जिन्होंने आज एक राज की बात बताई कि पूरे कार्यक्रम के सूत्रधार गौरव रणदिवे थे। विजयवर्गीय ने आगे रणदिवे को सफल आयोजन के लिए बधाई और आभार भी दिया। हालांकि, उनके संबोधन में ‘राज की बात’ वाला अंदाज कार्यक्रम के बाद चर्चा का विषय बन गया।
दरअसल, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के इंदौर दौरे को लेकर संगठन स्तर पर कई दिनों से तैयारियां चल रही थीं। पार्टी कार्यालय से लेकर कार्यक्रम स्थल तक अलग-अलग स्तर पर बैठकें और व्यवस्थाओं का दौर चला। इन तैयारियों में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी सक्रिय रहे, जबकि संगठन की ओर से प्रदेश महामंत्री गौरव रणदिवे व्यवस्थाओं से जुड़े नजर आए। ऐसे में मंच से आयोजन का श्रेय रणदिवे को दिए जाने और उसके बाद विजयवर्गीय की टिप्पणी ने ध्यान खींचा।
एक ही मंच से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की ओर से रणदिवे की भूमिका की तारीफ और उसके बाद कैलाश विजयवर्गीय की टिप्पणी ने भाजपा के भीतर चर्चा को नया विषय दे दिया। विजयवर्गीय ने जहां मुख्यमंत्री की कही बात को ‘राज’ बताया, वहीं उन्होंने रणदिवे को सफल आयोजन के लिए बधाई भी दी। इसी वजह से उनकी टिप्पणी को कार्यक्रम के बाद अलग-अलग राजनीतिक नजरिए से देखा जा रहा है।
गौरव रणदिवे प्रदेश भाजपा संगठन में महामंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं और संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय हैं। ऐसे में बड़े आयोजन की रूपरेखा को लेकर मुख्यमंत्री द्वारा सार्वजनिक मंच से उनकी भूमिका का उल्लेख संगठन में उनकी जिम्मेदारी को रेखांकित करता है। हालांकि, इस एक टिप्पणी के आधार पर भाजपा के भीतर किसी नए समीकरण या मतभेद का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
कार्यक्रम के दौरान हुई टिप्पणियों के बाद इंदौर भाजपा के राजनीतिक गलियारों में चर्चा जरूर तेज हुई है। खास तौर पर मुख्यमंत्री की तारीफ और उसके बाद विजयवर्गीय के ‘राज की बात’ वाले बयान को लेकर अलग-अलग कयास लगाए जा रहे हैं। हालांकि मंच से विजयवर्गीय ने रणदिवे को बधाई और सफल आयोजन के लिए आभार भी जताया। ऐसे में फिलहाल पूरा घटनाक्रम सार्वजनिक मंच पर हुई दो टिप्पणियों तक ही सीमित है।