Highlights :
ग्वालियर में महिला आरक्षक कुमकुम दुबे का कार्बाइड गन चलाते वीडियो वायरल।
पुलिस की वर्दी में रील बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट करने का मामला।
महिला आरक्षक तत्काल प्रभाव से निलंबित और लाइन अटैच।
Kumkum Dubey Carbide Gun Video Viral : सोशल मीडिया पर रील बनाने का शौक ग्वालियर की एक महिला पुलिस आरक्षक को भारी पड़ गया। वर्दी पहनकर कार्बाइड गन चलाते हुए वीडियो और रील सोशल मीडिया पर पोस्ट करने के मामले में पुलिस विभाग ने आरक्षक कुमकुम दुबे के खिलाफ कार्रवाई की है। कोतवाली थाने में पदस्थ महिला आरक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर लाइन अटैच कर दिया गया है।
जानकारी के मुताबिक महिला आरक्षक कुमकुम दुबे का वीडियो पिछले दो दिनों से सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा था। वीडियो में वे पुलिस की वर्दी पहने हाथ में कार्बाइड गन लेकर उसे चलाती नजर आ रही हैं। वीडियो सामने आने के बाद पुलिसकर्मी के आचरण और विभागीय अनुशासन को लेकर सवाल उठने लगे।
मामला सामने आने के बाद प्रभारी पुलिस अधीक्षक श्रुतकीर्ति सोमवंशी ने प्राथमिक जांच के निर्देश दिए। जांच में वीडियो की सत्यता और उसमें दिखाई दे रही महिला आरक्षक की पहचान कुमकुम दुबे के रूप में हुई। इसके बाद उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर लाइन अटैच करने का आदेश जारी किया गया। पुलिस विभाग ने इस मामले को अनुशासनहीनता और पुलिस आचरण नियमावली के उल्लंघन से जुड़ा माना है। विभागीय नियमों के अनुसार पुलिसकर्मियों के लिए वर्दी में रहते हुए अनुशासन और पुलिस बल की गरिमा बनाए रखना जरूरी है।
कैल्शियम कार्बाइड गन एक अस्थायी उपकरण है जिसका इस्तेमाल तेज धमाके जैसी आवाज निकालने के लिए किया जाता है। इसमें कैल्शियम कार्बाइड की पानी के साथ रासायनिक प्रतिक्रिया से एसीटिलीन गैस बनती है। ये गैस अत्यधिक ज्वलनशील होती है और चिंगारी मिलने पर तेजी से जल सकती है। बंद जगह में गैस के कारण दबाव बढ़ने से विस्फोट भी हो सकता है। इस प्रक्रिया में उपकरण के हिस्से टूटकर बाहर निकल सकते हैं जिससे आसपास मौजूद लोगों को गंभीर चोट लगने का खतरा रहता है।
कार्बाइड गन को लेकर प्रशासन की सख्ती
कार्बाइड गन के इस्तेमाल से होने वाले हादसे प्रशासन की चिंता बढ़ा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक वर्ष 2025 में मध्यप्रदेश के अलग अलग शहरों में कार्बाइड गन के इस्तेमाल से 300 से अधिक लोग घायल हुए थे। इनमें ग्वालियर में 19 मामले सामने आए थे। इन मामलों में 18 लोगों की आंखों के कॉर्निया को चोट पहुंची थी। ऐसे हादसों को देखते हुए प्रशासन इस बार दीपावली से पहले प्रतिबंधित गनों के खिलाफ सख्ती बरत रहा है।