Gwalior Fire News : ग्वालियर के इंदरगंज थाना क्षेत्र में कुछ दिन पहले हुई आगजनी की घटना में गंभीर रूप से झुलसे कर्मचारी की इलाज के दौरान मौत हो गई। कर्मचारी ने करीब 10 दिनों तक अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष किया, लेकिन रविवार को उसने दम तोड़ दिया। मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम पसर गया।
परिजन पुलिस थाने में सुनवाई नहीं होने से नाराज थे। उन्होंने रविवार को घटनास्थल यानी पेट्रोल पंप के सामने सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। परिजनों ने मामले में कार्रवाई की मांग करते हुए चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शन के कारण मुख्य मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और करीब दो घंटे तक यातायात बाधित रहा।
चक्काजाम की सूचना मिलते ही इंदरगंज थाना प्रभारी दीप्ति तोमर और सीएसपी रोबिन जैन भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने आक्रोशित परिजनों को समझाने का प्रयास किया। पुलिस अधिकारियों ने मामले में निष्पक्ष जांच और जल्द कार्रवाई का भरोसा दिलाया, जिसके बाद परिजनों से बातचीत आगे बढ़ी।
घटनाक्रम की जानकारी मिलने के बाद आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता अमित शर्मा, आप जिलाध्यक्ष और कांग्रेस प्रदेश महासचिव सुनील शर्मा भी मौके पर पहुंचे। नेताओं ने शोकाकुल परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की। इसके बाद उन्होंने पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से फोन पर बात कर मामले में कार्रवाई की मांग की।
कांग्रेस प्रदेश महासचिव सुनील शर्मा ने प्रशासनिक अधिकारियों से पीड़ित परिवार को उचित आर्थिक मुआवजा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि मृतक ही परिवार के भरण-पोषण का मुख्य सहारा था। ऐसे में उसकी मौत के बाद परिवार के सामने जीवन-यापन का संकट खड़ा हो गया है और सरकारी सहायता जरूरी है।
पुलिस और जनप्रतिनिधियों की ओर से कार्रवाई का भरोसा मिलने के बाद परिजनों ने प्रदर्शन समाप्त कर दिया। इसके बाद पुलिस ने सड़क से शव हटवाकर यातायात व्यवस्था को सामान्य कराया। थाना प्रभारी दीप्ति तोमर ने मामले में जांच और कार्रवाई को लेकर जानकारी दी।