Dindori Sanitation Workers Terminated: डिंडौरी नगर परिषद ने शहर की स्वच्छता व्यवस्था को अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाने के लिए बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। कार्य में लगातार लापरवाही और बिना अनुमति अनुपस्थित रहने वाले 8 दैनिक वेतनभोगी सफाई कर्मचारियों की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं।
नगर परिषद प्रशासन का कहना है कि शहर की सफाई व्यवस्था से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
कलेक्टर के निर्देशानुसार मुख्य नगर पालिका अधिकारी वेद प्रकाश पुरी गोस्वामी ने नगर परिषद के सभी सफाई कर्मचारियों का जोनवार कार्य विभाजन किया था। प्रत्येक कर्मचारी को निर्धारित वार्ड और कार्यस्थल पर नियमित रूप से सफाई कार्य करने के निर्देश दिए गए थे। कर्मचारियों को वार्डवार सफाई, घर-घर कचरा संग्रहण, नालियों की सफाई तथा कचरा परिवहन जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं, ताकि शहर में स्वच्छता व्यवस्था बेहतर बनी रहे।
नगर परिषद के स्वच्छता प्रभारी और सफाई दरोगाओं द्वारा नियमित निरीक्षण एवं उपस्थिति प्रतिवेदन की जांच के दौरान कई कर्मचारी बिना पूर्व सूचना और सक्षम अनुमति के अपने कार्यस्थलों से अनुपस्थित पाए गए। जांच में यह भी सामने आया कि संबंधित कर्मचारी लगातार अपने कार्यों में लापरवाही बरत रहे थे। इसके बाद सभी कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर नियमानुसार उनकी सेवाएं समाप्त कर दी गईं।
नगर परिषद द्वारा जिन कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त की गई हैं, उनमें प्रकाश डोंगरे, दुर्गेश डोंगरे, रजरानी चौहान, राकेश, त्रिशाल रानी चन्द्रोल, सुरेंद्र, रानी चंचोल और राजेंद्र विशमोंगरे शामिल हैं। मुख्य नगर पालिका अधिकारी वेद प्रकाश पुरी गोस्वामी ने कहा कि नगर परिषद की पहली प्राथमिकता शहर की स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाए रखना है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्य के प्रति लापरवाही, अनुशासनहीनता और बिना अनुमति अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारियों के खिलाफ भविष्य में भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। प्रशासन का उद्देश्य नगरवासियों को नियमित, प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण स्वच्छता सेवाएं उपलब्ध कराना है।
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