Narottam Mishra Meets Nitin Nabin: मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर पूर्व गृह मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। दिल्ली से अचानक बुलावा मिलने के बाद नरोत्तम मिश्रा गुरुवार को दिल्ली रवाना हुए और वहां भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से मुलाकात की। मुलाकात को लेकर आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसके मायने तलाशे जाने लगे हैं। आज की मुलाकात की पुष्टि से यह साफ है कि नरोत्तम मिश्रा की दिल्ली यात्रा महज औपचारिक नहीं थी।
नरोत्तम मिश्रा की दिल्ली यात्रा से पहले भी पिछले कुछ दिनों में हुई राजनीतिक गतिविधियों ने अटकलों को हवा दी थी। दो दिन पहले भाजपा के क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल नरोत्तम मिश्रा के भोपाल स्थित निवास पर उनसे मिलने पहुंचे थे। इस मुलाकात के बाद ही राजनीतिक हलकों में नरोत्तम मिश्रा की संगठन में भूमिका को लेकर चर्चा शुरू हो गई थी।
ओरछा में हुई भारतीय जनता पार्टी प्रदेश कार्यसमिति की महत्वपूर्ण बैठक में भी नरोत्तम मिश्रा की सक्रिय मौजूदगी चर्चा का विषय रही। ओरछा बैठक को भाजपा ने मिशन-2028 की तैयारियों और संगठनात्मक रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना है। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश सहित पार्टी के शीर्ष नेताओं की मौजूदगी रही और नरोत्तम मिश्रा भी प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं के साथ नजर आए।
दिलचस्प बात यह भी रही कि दिल्ली रवाना होने से पहले नरोत्तम मिश्रा ने भोपाल में पत्रकारों को लंच पर आमंत्रित किया था। पत्रकारों से मुलाकात के बाद उनका अचानक दिल्ली रवाना होना और फिर राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से मुलाकात ने सियासी चर्चाओं को और तेज कर दिया।
इस पूरे घटनाक्रम पर नवभारत लाइव ने मध्य प्रदेश के वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक और मध्य प्रदेश हेड सुधीर दंडोतिया से बात की। दंडोतिया का कहना है कि फिलहाल मुलाकात के अंदर हुई बातचीत को लेकर कोई निश्चित दावा करना जल्दबाजी होगी, लेकिन नरोत्तम मिश्रा के चेहरे की मुस्कान और उनकी राजनीतिक गतिविधियों का क्रम यह संकेत जरूर देता है कि यह मुलाकात उनके लिए बेहद सकारात्मक रही है।
राजनीतिक विश्लेषण के अनुसार, भाजपा भविष्य की राजनीतिक और संगठनात्मक रणनीति में नरोत्तम मिश्रा को कोई नई जिम्मेदारी दे सकती है। सवर्ण मतदाताओं के बीच उनकी राजनीतिक पकड़ और लंबे संगठनात्मक अनुभव को देखते हुए पार्टी किसी विशेष भूमिका पर भी विचार कर सकती है। हालांकि, इसे लेकर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है और इसे फिलहाल राजनीतिक संभावनाओं के तौर पर ही देखा जा रहा है।
फिलहाल इतना जरूर तय माना जा रहा है कि अजय जामवाल की घर पहुंचकर मुलाकात, ओरछा कार्यसमिति में शीर्ष नेतृत्व के साथ नरोत्तम मिश्रा की मौजूदगी और अब दिल्ली में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से बैठक—इन घटनाओं ने मध्य प्रदेश भाजपा की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या नरोत्तम मिश्रा को भाजपा संगठन या किसी अन्य स्तर पर नई और बड़ी जिम्मेदारी मिलने वाली है? इसका जवाब आने वाले दिनों में सामने आ सकता है।