

Narottam Mishra Ashutosh Tiwari Meeting: दतिया उपचुनाव में भाजपा की हार के बाद प्रदेश भाजपा ने जिला कार्यकारिणी भंग कर संगठनात्मक बदलाव की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वहीं, भीतरघात के आरोपों को लेकर कार्रवाई की भी तैयारी चल रही है। इस बीच पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने सोशल मीडिया पर भाजपा प्रत्याशी रहे आशुतोष तिवारी के साथ मुलाकात की तस्वीर साझा कर दोनों नेताओं के बीच मतभेद की चर्चाओं पर विराम लगाने की कोशिश की है।
दतिया उपचुनाव में भाजपा ने डॉ. नरोत्तम मिश्रा की जगह आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया था। टिकट बदलने के फैसले के बाद नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों ने नाराजगी भी जताई थी। हालांकि डॉ. मिश्रा के हस्तक्षेप के बाद विरोध प्रदर्शन शांत हो गया, लेकिन चुनाव के दौरान भीतरघात की चर्चाएं लगातार राजनीतिक गलियारों में बनी रहीं।
इस बीच सोशल मीडिया पर साझा किए गए संदेश में डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि उनके और आशुतोष तिवारी के संबंधों को लेकर फैलाई जा रही बातें पूरी तरह भ्रामक और निराधार हैं। उन्होंने लिखा कि आशुतोष तिवारी उनके अनुज हैं और उनके प्रति हमेशा स्नेह और आत्मीयता रही है। दोनों के बीच कभी कोई कटुता नहीं रही और आज भी मुलाकात पहले की तरह अपनत्व और गर्मजोशी से हुई।
डॉ. मिश्रा ने कहा कि आशुतोष तिवारी भारतीय जनता पार्टी के कर्मठ और समर्पित कार्यकर्ता हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2003 के डबरा विधानसभा चुनाव से ही वे आशुतोष तिवारी को एक ईमानदार कार्यकर्ता के रूप में जानते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों परिवारों के बीच करीब 25 वर्षों का रिश्ता है और वे हमेशा आशुतोष तिवारी के अभिभावक की भूमिका में रहे हैं।
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पूर्व गृह मंत्री ने अपने समर्थकों से अपील की कि वे ऐसा कोई बयान, टिप्पणी या व्यवहार न करें जिससे पार्टी, संगठन या आशुतोष तिवारी को किसी प्रकार का नुकसान पहुंचे। उन्होंने कहा कि भाजपा की सबसे बड़ी ताकत उसकी एकजुटता, अनुशासन और संस्कार हैं। राजनीति में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं, लेकिन रिश्ते और पारिवारिक संस्कार हमेशा कायम रहते हैं। दतिया उपचुनाव के बाद भाजपा में चल रही संगठनात्मक गतिविधियों और भीतरघात की चर्चाओं के बीच डॉ. नरोत्तम मिश्रा का यह संदेश राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है।