बुरहानपुर में छह साल के बच्चे मेदांश की चमकी किस्मत, जिती फॉर्च्यूनर कार।
एक साल पहले मेदांश की दादी ने गरबा आयोजन के दौरान खरीदा था लकी ड्रॉ कूपन।
मेदांश के परिवार का लंबे समय से था कार लेना का सपना।
Burhanpur Six Year Old Child Win Toyota Fortuner: मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले के सीलमपुरा गांव में रहने वाले छह वर्षीय मेदांश रायकवार की किस्मत ऐसी चमकी कि पूरा परिवार खुशी से झूम उठा। मेदांश ने महज 200 रुपये के लकी ड्रॉ कूपन के जरिए करीब 50 लाख रुपये कीमत की टोयोटा फॉर्च्यूनर एसयूवी जीत ली।
इस इनाम के साथ परिवार का लंबे समय से देखा जा रहा कार खरीदने का सपना भी पूरा हो गया। खास बात यह है कि कूपन मेदांश ने खुद नहीं, बल्कि उसकी दादी ने खरीदा था।
जानकारी के मुताबिक, किरण रायकवार ने लगभग एक साल पहले आभापुरी स्थित श्री सरकार धाम में आयोजित गरबा कार्यक्रम के दौरान 200 रुपये का लकी ड्रॉ कूपन खरीदा था। उन्होंने इस कूपन पर अपने पोते मेदांश का नाम लिखवाया था। परिवार को अंदाजा भी नहीं था कि यह छोटा-सा कूपन इतनी बड़ी खुशखबरी लेकर आएगा। साल 2026 में जब लकी ड्रॉ के नतीजे घोषित किए गए, तो पहले इनाम के लिए मेदांश का नाम सामने आया। इसके बाद परिवार में उत्साह और खुशी का माहौल बन गया।
बुरहानपुर जिले के छह साल के बच्चे मेदांश के परिवार के लिए यह जीत किसी सपने के सच होने से कम नहीं है। परिवार पिछले दो साल से नई कार खरीदने की इच्छा रखता था। मेदांश के दादा और पिता खास तौर पर टोयोटा फॉर्च्यूनर खरीदना चाहते थे, लेकिन आर्थिक परिस्थितियों के चलते उनका सपना पूरा नहीं हो पा रहा था। अब लकी ड्रॉ में मिली एसयूवी ने उनकी यह इच्छा पूरी कर दी। इनाम मिलने के बाद मेदांश का भव्य स्वागत किया गया। रिश्तेदारों और स्थानीय लोगों ने ढोल-नगाड़ों के साथ जश्न मनाया और नई गाड़ी की पारंपरिक पूजा भी की।
टोयोटा फॉर्च्यूनर भारत में लोकप्रिय बड़ी एसयूवी में शामिल है। इसमें सात लोगों के बैठने की व्यवस्था होती है। मजबूत बनावट, दमदार इंजन और आकर्षक लुक के कारण इसे पसंद किया जाता है। यह गाड़ी शहर की सड़कों के साथ ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर भी चलने के लिए जानी जाती है। इसके अलग-अलग मॉडल में पेट्रोल और डीजल इंजन के विकल्प मिलते हैं। फीचर्स और वेरिएंट के आधार पर इसकी कीमत बदलती है। फिलहाल मेदांश और उसका परिवार इस अप्रत्याशित जीत का जश्न मना रहा है। 200 रुपये के कूपन से मिली यह एसयूवी उनके लिए यादगार सौगात बन गई है।