बुरहानपुर पोस्टर विवाद (सोर्स- सोशल मीडिया) 
बुरहानपुर

MP News: बुरहानपुर में 'हथौड़े' वाले रहस्यमयी पोस्टरों का पर्दाफाश, CSP गौरव पाटिल के कड़े एक्शन से मचा हड़कंप

Burhanpur Poster Controversy: बुरहानपुर में 'हथौड़े' के निशान वाले रहस्यमयी पोस्टरों पर सीएसपी गौरव पाटिल का एक्शन, माउली प्रिंटिंग प्रेस संचालक तलब, कोचिंग का विज्ञापन निकला।

सजल रघुवंशी

Burhanpur Mysterious Hammer Poster: बुरहानपुर में पिछले कुछ दिनों से सड़कों, बिजली के खंभों और सार्वजनिक स्थानों पर लगे नीले रंग के रहस्यमयी पोस्टरों ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रखा था। इन पोस्टरों पर केवल एक ‘हथौड़ा’ का चिन्ह और ‘18 जून 2026’ की तारीख अंकित थी। पोस्टरों में किसी संस्था, संगठन या कार्यक्रम का नाम नहीं होने के कारण लोगों के बीच इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं और अटकलें लगाई जा रही थीं। मामले की जानकारी सामने आने के बाद जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया।

शहरभर में बड़ी संख्या में लगे इन पोस्टरों को देखकर आमजन, छात्र और अभिभावक हैरान थे। सोशल मीडिया पर भी पोस्टरों को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे थे। कुछ लोग इसे किसी राजनीतिक अभियान से जोड़कर देख रहे थे तो कुछ इसे किसी बड़े आयोजन का संकेत मान रहे थे। हालांकि पोस्टरों का वास्तविक उद्देश्य स्पष्ट नहीं होने के कारण लोगों की उत्सुकता लगातार बढ़ती जा रही थी।

जांच में सामने आया कोचिंग संस्थान का नाम

पुलिस और प्रशासन की जांच में खुलासा हुआ कि ये पोस्टर एक निजी कोचिंग संस्थान द्वारा 10वीं और 12वीं कक्षा की शिक्षा के प्रचार-प्रसार के लिए लगाए गए थे। जांच के दौरान यह भी पता चला कि संबंधित पोस्टर और होर्डिंग शहर की माउली प्रिंटिंग प्रेस में छापे गए थे। जानकारी मिलने के बाद प्रशासन ने शहर के विभिन्न स्थानों से सभी भ्रामक पोस्टर और होर्डिंग हटवा दिए।

प्रिंटिंग प्रेस संचालकों से पूछताछ

नगर पुलिस अधीक्षक गौरव पाटिल ने बताया कि पोस्टरों की सूचना पुलिस को भी मिली थी। सभी थाना क्षेत्रों में जांच कराई गई, जिसके बाद इनके पीछे एक कोचिंग संस्थान का नाम सामने आया। पुलिस ने प्रिंटिंग प्रेस संचालक और संबंधित कोचिंग संस्थान के प्रतिनिधियों को पूछताछ के लिए तलब किया है।

नियमों के उल्लंघन पर होगी कार्रवाई

सीएसपी गौरव पाटिल के अनुसार प्रिंटिंग प्रेस संचालकों के लिए निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करना अनिवार्य है। पुलिस यह जांच कर रही है कि पोस्टरों में केवल प्रतीक चिन्ह का उपयोग क्यों किया गया और इसके पीछे क्या उद्देश्य था। यदि जांच में किसी प्रकार के नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो प्रिंटिंग प्रेस संचालकों और पोस्टरों के प्रायोजकों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है।

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