Sagar Poisonous Liquor Case Update : सागर जिले में जहरीली शराब से हुई 15 लोगों की मौत के बाद प्रदेश की सियासत गरमा गई है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने प्रभावित गांवों का दौरा कर भाजपा सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। मृतकों के परिजनों से मुलाकात के बाद सिंघार ने प्रशासन, आबकारी विभाग और शराब माफिया के बीच कथित गठजोड़ की जांच की मांग की। उन्होंने मृतकों के परिवारों को 25 लाख रुपये मुआवजा देने की भी मांग की।
सिंघार ने दावा किया कि जहरीली शराब में घातक औद्योगिक रसायन मेथेनॉल मिलाया गया था। उनके मुताबिक, 110 से अधिक लोग अब भी अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मृतकों में बड़ी संख्या गरीब मजदूरों और परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्यों की है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कार्रवाई केवल शराब बेचने वालों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि शराब में जहर मिलाने वाले असली दोषियों तक जांच पहुंचनी चाहिए।
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि ‘Sagar Gold’ और ‘Bambaiya Whisky’ नाम से बेची गई शराब उत्तर प्रदेश के ललितपुर से मध्य प्रदेश पहुंची थी। उन्होंने सवाल उठाया कि दोनों राज्यों में भाजपा की सरकार होने के बावजूद शराब मध्य प्रदेश की सीमा में कैसे पहुंची। सिंघार ने पुलिस और आबकारी विभाग की भूमिका की भी जांच की मांग की है।
सिंघार ने कॉरपोरेट रिकॉर्ड्स का हवाला देते हुए दावा किया कि ‘Sagar Gold’ बनाने वाली डिस्टिलरी DCR Distillery Pvt. Ltd. के निदेशक गजेंद्र सिंह राठौर हैं, जो पूर्व मंत्री और भाजपा नेता स्वर्गीय हरनाम सिंह राठौर के भाई बताए गए हैं। उन्होंने स्थानीय लोगों के हवाले से अवैध शराब कारोबार में पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह के करीबियों की भूमिका की जांच की मांग भी की।
सिंघार ने आबकारी विभाग के आदेश को लेकर भी सवाल उठाए। उनका दावा है कि 6 सितंबर को ‘Sagar Gold’ को सील कर जब्त करने और फोरेंसिक जांच के आदेश दिए गए थे, लेकिन कुछ ही घंटों बाद आदेश बदलकर सामान्य जांच कर दी गई। उन्होंने पूछा कि आखिर किसके दबाव में यह बदलाव किया गया। हालांकि, इन आरोपों पर सरकार की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।
भाजपा और आरएसएस पर हमला बोलते हुए उमंग सिंघार ने कहा, “पाकिस्तान से ज्यादा आज हिन्दू मध्यप्रदेश में खतरे में है।” उन्होंने इंदौर के भागीरथपुरा, बालाघाट और छिंदवाड़ा में हुई मौतों का जिक्र करते हुए भाजपा पर हिंदुत्व की राजनीति करने का आरोप लगाया। साथ ही गुजरात के भावनगर शराब कांड से भी सागर मामले के तार जोड़ते हुए उन्होंने सरकार से व्यापक जांच की मांग की। सिंघार ने मुख्यमंत्री मोहन यादव के दुबई दौरे पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश में जहरीली कफ सिरप, दूषित पानी और जहरीली शराब से मौतें हो रही हैं। उन्होंने मृतकों के परिवारों को 25 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग दोहराई।