नवभारत EXCLUSIVE : जिस बाम्बे व्हिस्की को आबकारी विभाग ने बताया था पीने योग्य, उसी से सागर में हुईं 15 मौतें!

Excise Department Report : सागर शराब कांड में नवभारत EXCLUSIVE रिपोर्ट सामने आई है। आबकारी विभाग ने मौतों से पहले बाम्बे व्हिस्की को मानक और पीने योग्य बताया था।
Navbharat Exclusive Report on Sagar Liquor Case and Bombay Whiskey
आबकारी विभाग की रिपोर्टफोटो सोर्स- AI
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Sagar Poisonous Liquor Case Update : सागर के जहरीली शराब कांड में मौतों के बीच आबकारी विभाग की एक रिपोर्ट ने पूरे मामले में नया सवाल खड़ा कर दिया है। नवभारत को मिली EXCLUSIVE रिपोर्ट के मुताबिक, जिस बाम्बे व्हिस्की ब्रांड की शराब को लेकर अब सवाल उठ रहे हैं, उसी शराब को आबकारी विभाग ने कुछ दिन पहले अपनी जांच में मानक श्रेणी का और पीने योग्य बताया था। यह रिपोर्ट 5 सितंबर 2026 को तैयार की गई थी, जबकि इससे पहले 3 सितंबर को इस शराब के घटिया या जहरीली होने को लेकर मीडिया में खबरें सामने आई थीं।

नवभारत को मिली रिपोर्ट के अनुसार, सरकारी विदेशी मदिरा भंडार, सागर के प्रभारी अधिकारी ने पत्र क्रमांक 324 के जरिए सहायक आबकारी आयुक्त को जांच रिपोर्ट सौंपी थी। रिपोर्ट में M/S Associated Alcohols & Breweries Limited से सप्लाई की गई बाम्बे व्हिस्की के सैंपल और पैकेजिंग की जांच का उल्लेख है। इसमें 2025-26 और 2026-27 सीजन की पैकेजिंग को मानक के अनुरूप बताया गया है।

रिपोर्ट में साफ लिखा- 'पीने योग्य'

आबकारी विभाग की रिपोर्ट में बाम्बे व्हिस्की के संबंध में स्पष्ट तौर पर लिखा गया है कि “उक्त दोनों तरह के नगों में बाम्बे व्हिस्की मदिरा मानक श्रेणी की होकर पीने योग्य है।” यानी विभागीय रिपोर्ट में शराब को मानक श्रेणी का बताते हुए उसके सेवन योग्य होने की बात कही गई थी। अब यही रिपोर्ट सागर शराब कांड के बीच इसलिए महत्वपूर्ण हो गई है, क्योंकि इसी ब्रांड की शराब को लेकर मौतों से जुड़ा सवाल सामने आया है।

3 सितंबर को सामने आई थी जहरीली शराब की खबर

सागर में शराब पीने के बाद लोगों की तबीयत बिगड़ने और मौतों की खबर सामने आने के बाद 3 सितंबर को मीडिया रिपोर्ट्स में शराब के घटिया या जहरीले होने की आशंका जताई गई थी। इसके बाद आबकारी विभाग की ओर से भी मामले की जांच की गई। इसी क्रम में 5 सितंबर को सरकारी विदेशी मदिरा भंडार के प्रभारी अधिकारी की रिपोर्ट सामने आई, जिसमें बाम्बे व्हिस्की को मानक और पीने योग्य बताया गया।

Excise Department Report
आबकारी विभाग की रिपोर्टफोटो सोर्स- नवभारत

अब बड़ा सवाल- अगर इसी ब्रांड से मौतें हुईं तो जिम्मेदार कौन?

मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर जांच में मौतों और बाम्बे व्हिस्की के बीच सीधा संबंध सामने आता है, तो कुछ दिन पहले इसी शराब को 'पीने योग्य' बताने वाली रिपोर्ट कैसे तैयार हुई? क्या सैंपल और वास्तविक बाजार में पहुंची शराब एक जैसी थी? क्या किसी स्तर पर शराब में मिलावट हुई? या मौतों की वजह कोई अन्य जहरीला पदार्थ था? इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।

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सिर्फ विभागीय रिपोर्ट से मौतों की वजह तय नहीं

हालांकि, आबकारी विभाग की यह रिपोर्ट अपने आप में यह साबित नहीं करती कि सागर में हुई मौतें बाम्बे व्हिस्की पीने से ही हुईं। मौतों की वास्तविक वजह जानने के लिए लिकर सैंपल, मेडिकल रिपोर्ट और लैब जांच महत्वपूर्ण होगी। यदि जांच में शराब में मेथनॉल या किसी अन्य जहरीले पदार्थ की पुष्टि होती है, तब यह भी जांच का विषय होगा कि वह पदार्थ शराब में किस स्तर पर और कैसे पहुंचा।

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