मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी (सोर्स- सोशल मीडिया)
भोपाल

राहुल गांधी के बालाघाट दौरे से कलेक्टर-एसपी के नदारद रहने पर भड़की कांग्रेस; जीतू पटवारी ने सरकार को घेरा

Rahul Gandhi Balaghat Visit: जीतू पटवारी ने भाजपा सरकार को चौतरफा घेरा, आदिवासी क्षेत्रों की बदहाली, बालाघाट दौरे पर अधिकारियों की गैरमौजूदगी और मंत्रियों-अफसरों के टकराव पर उठाए सवाल।

सुधीर दंडोतिया, सजल रघुवंशी

Balaghat Collector-SP Absence Rahul Gandhi Visit: मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर राज्य की भाजपा सरकार पर चौतरफा हमला बोला। उन्होंने प्रदेश में आदिवासी क्षेत्रों की बदहाली, सरकार पर बढ़ते कर्ज, मंत्रियों और अधिकारियों के बीच चल रहे टकराव और राज्य के विभिन्न हिस्सों में हुई दुखद मौतों के मुद्दे पर सरकार को कटघरे में खड़ा किया।

जीतू पटवारी ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के हालिया बालाघाट दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि यह कोई राजनीतिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि पीड़ित आदिवासी परिवारों का दुख-दर्द साझा करने की एक पहल थी। इन परिवारों ने हाल ही में अपने 3 महीने से लेकर 17 साल तक के बच्चों को खोया है।

"पूर्व सूचना देने के बावजूद भी नदारद रहे एसपी कलेक्टर"

जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि पूर्व सूचना और मुख्य सचिव से बातचीत के बावजूद इस दौरे से बालाघाट के कलेक्टर और एसपी नदारद रहे, जो घोर 'प्रशासनिक अराजकता' का प्रमाण है। उन्होंने चेतावनी दी कि कांग्रेस इन दोनों अधिकारियों के खिलाफ विधानसभा में विशेषाधिकार हनन का मामला उठाएगी और राष्ट्रपति तथा केंद्रीय गृह मंत्री को भी शिकायत भेजेगी।

आदिवासी विकास का पैसा रैलियों में हो रहा खर्च

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि 25 साल से सत्ता में रहने के बावजूद आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा और विकास की स्थिति बेहद दयनीय है। आदिवासी बच्चों को समान अवसर नहीं मिल रहे हैं और उनके विकास के लिए आवंटित योजनाओं का पैसा राजनीतिक आयोजनों और रैलियों में बर्बाद किया जा रहा है।

सरकार बनाम अफसरशाही: "सरकार नहीं, सर्कस है"

भाजपा की कोर कमेटी की बैठक के बाद सामने आए बयानों का हवाला देते हुए पटवारी ने सरकार और नौकरशाही के बीच तालमेल पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बयानों का जिक्र करते हुए कहा कि यदि अधिकारी मंत्रियों और खुद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की बात नहीं सुन रहे हैं, तो यह एक बेहद गंभीर स्थिति है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में सरकार की जगह 'सर्कस' चल रहा है।

छह लाख करोड़ का कर्ज और फिजूलखर्ची

प्रदेश की आर्थिक स्थिति पर चिंता जताते हुए पटवारी ने दावा किया कि सरकार ने केवल अक्टूबर माह में ही तीन बार कर्ज लिया है। वर्तमान में राज्य पर लगभग छह लाख करोड़ रुपये का कर्ज है, जिसका अर्थ है कि हर नागरिक पर 80 हजार रुपये का कर्ज है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक तरफ सरकार कर्ज के बोझ तले दब रही है, वहीं दूसरी तरफ सरकारी खजाने का पैसा विमान, हेलीकॉप्टर और राजनीतिक दिखावे (जैसे जेसीबी से फूल बरसाने) पर लुटाया जा रहा है।

त्रासदियों पर जवाबदेही की मांग

पटवारी ने बालाघाट में बच्चों की मौत, सागर में जहरीली शराब कांड, इंदौर में दूषित पानी से हुई जनहानि और छिंदवाड़ा में कफ सिरप से बच्चों की मौत जैसी गंभीर घटनाओं को लेकर सरकार से राजनीतिक जिम्मेदारी तय करने की मांग की। उन्होंने सीधे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से अपील की कि वे प्रदेश सरकार और संगठन में चल रहे इन विवादों, कुपोषण और भ्रष्टाचार पर जवाब मांगे।

जीतू पटवारी ने भाजपा राज में फैल रहे भ्रष्टाचार को 'कैंसर' करार देते हुए कहा कि इसका असर अब प्रदेश के हर घर तक पहुँच चुका है। कांग्रेस इन जन-मुद्दों पर अपना संघर्ष जारी रखेगी और सड़क से लेकर विधानसभा तक सरकार से जवाब मांगेगी।

Jantar Mantar Protest LIVE: दिल्ली पुलिस ने अनुराग ढांडा और आतिशी को जंतर-मंतर से हिरासत में लिया

Gandhian Freedom Struggle: महात्मा गांधी के वो आंदोलन जिन्होंने हिला दी थी ब्रिटिश हुकूमत की नींव

ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची याचिका, SIT जांच से फॉरेंसिक ऑडिट तक, 5 अक्टूबर को होगी सुनवाई

आकाश आनंद ने फिर खेला बुआ कार्ड, मायावती से मांगी माफी, कहा- कभी किसी और पार्टी में नहीं जाऊंगा

अलनीनो के कहर से देश के 282 जिलों में सूखे का खतरा, महाराष्ट्र और कर्नाटक होंगे सबसे अधिक प्रभावित