MP Varg 2 Teacher Appointment Delay: माध्यमिक शिक्षक भर्ती (वर्ग-2) में चयनित अभ्यर्थियों का धैर्य अब जवाब देता दिखाई दे रहा है। मंगलवार को बड़ी संख्या में चयनित शिक्षक लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए और 'DPI बाहर आओ', 'DPI होश में आओ' के नारे लगाकर विरोध दर्ज कराया। अभ्यर्थियों का कहना है कि चयन प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद उन्हें अब तक नियुक्ति नहीं मिली है, जिससे उनका भविष्य अधर में लटका हुआ है।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि कई वर्षों से वे नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं। धरना स्थल पर मौजूद महिला अभ्यर्थियों ने भावुक होते हुए कहा, "हम दीदी से आंटी हो गए, लेकिन सरकार अब तक नियुक्ति नहीं दे पाई।" उनका कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में चयनित होने के बाद भी लगातार देरी से उनका व्यक्तिगत और पारिवारिक जीवन प्रभावित हो रहा है।
धरने के दौरान एक दिव्यांग चयनित शिक्षक बैसाखी के सहारे डीपीआई पहुंचे। उन्होंने बताया कि नियुक्ति में देरी के कारण आर्थिक और सामाजिक परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं। नौकरी की उम्मीद में वर्षों से संघर्ष कर रहे अभ्यर्थियों को अब परिवार और समाज के सवालों का सामना करना पड़ रहा है। अभ्यर्थियों का आरोप है कि उनसे मिलने कोई वरिष्ठ अधिकारी नहीं आया। प्रदर्शनकारियों के मुताबिक ऊपर से केवल यह संदेश भेजा गया कि चार प्रतिनिधि चर्चा के लिए ऊपर आ जाएं, लेकिन धरने पर बैठे शिक्षकों ने स्पष्ट कर दिया कि जब तक लिखित और ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
दरअसल, वर्ग-2 शिक्षक भर्ती को लेकर अभ्यर्थी लंबे समय से नियुक्ति की मांग कर रहे हैं। इसी मुद्दे पर मई माह में भी डीपीआई कार्यालय के बाहर हजारों चयनित अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन किया था। अभ्यर्थियों का कहना है कि चयन सूची जारी होने के बाद निर्धारित समय में जॉइनिंग मिलनी चाहिए थी, लेकिन महीनों बाद भी प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है।
वंही दूसरी तरफ सरकार की ओर से हाल ही में लगभग 4 हजार माध्यमिक और प्राथमिक शिक्षकों के नियुक्ति आदेश जारी किए जाने और चॉइस फिलिंग प्रक्रिया शुरू करने की जानकारी सामने आई थी लेकिन बड़ी संख्या में चयनित अभ्यर्थी अब भी नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
यह भी पढ़ें: MP के सरकारी स्कूलों में कछुआ चाल: आधा सत्र बीतने के बाद दिसंबर तक मिल पाएगी 55 लाख बच्चों को यूनिफॉर्म
प्रदर्शनकारी शिक्षकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द नियुक्ति संबंधी स्पष्ट आदेश जारी नहीं किए गए तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। उनका कहना है कि वर्षों की मेहनत और चयन के बाद भी नौकरी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।