एमपी नो मीटिंग फ्राइडे रूल (सोर्स- सोशल मीडिया) 
भोपाल

MP में अब नो-मीटिंग फ्राइडे: हर शुक्रवार जनता के बीच होंगे सीएम, मंत्री और अफसर; शुरू होगा जन विश्वास अभियान

No Meeting Friday Rule: MP में जन विश्वास अभियान का ऐलान, हर शुक्रवार को नहीं होगी कोई प्रशासनिक बैठक, मैदान में उतरकर लोगों की समस्याएं सुनेंगे सीएम, मंत्री और कलेक्टर, मौके पर ही होगा समाधान।

सजल रघुवंशी

MP No Meeting Friday: मध्य प्रदेश सरकार ने प्रदेश के युवाओं और आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित एवं पारदर्शी समाधान के लिए एक बड़ा और महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। राज्य सरकार हर शुक्रवार को 'जन विश्वास अभियान' की शुरुआत करने जा रही है।

इस अभियान के तहत अब प्रत्येक शुक्रवार को मंत्रालय, जिला या संभाग स्तर पर कोई भी बड़ी प्रशासनिक बैठक आयोजित नहीं होगी। इसके बजाय मुख्यमंत्री, सभी कैबिनेट मंत्री, विधायक, कलेक्टर और मैदानी अधिकारी सीधे जनता के बीच (फील्ड में) जाकर उनकी समस्याओं को सुनेंगे और उनका मौके पर ही समाधान करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कैबिनेट बैठक के दौरान इस जनहितैषी अभियान की घोषणा की और सभी मंत्रियों को दिशा-निर्देश जारी किए।

अभियान की मुख्य बातें और योजना

सीधी मॉनिटरिंग और मैदानी उपस्थिति: 'जन विश्वास अभियान' के जरिए सरकार की विभिन्न विभागों की योजनाओं की ग्राउंड जीरो से मॉनिटरिंग की जाएगी। मंत्रियों को उनके प्रभार वाले जिलों तथा अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में जाने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री स्वयं भी समय-समय पर विभिन्न क्षेत्रों का दौरा करेंगे।

  • मुख्य फोकस क्षेत्र: लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कैबिनेट फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि अभियान के दौरान मुख्य रूप से सीएम हेल्पलाइन, लोक सेवा गारंटी, आयुष्मान भारत योजना, जल जीवन मिशन, आंगनवाड़ी व्यवस्था, और कृषि से जुड़े खाद-बीज मामलों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
  • चार मुख्य स्तंभों पर टिका अभियान: यह पूरा अभियान संवाद, समाधान, संवेदनशीलता और सादगी के सिद्धांतों पर काम करेगा।
  • सरकारी खजाने पर शून्य अतिरिक्त बोझ: सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस अभियान के लिए कोई अतिरिक्त राशि खर्च नहीं की जाएगी। किसी भी स्थान पर बड़े-बड़े टेंट, पांडाल या भव्य आयोजन नहीं होंगे।
  • पंचायत और वार्ड होंगे मुख्य केंद्र: ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायत और शहरी क्षेत्रों में वार्ड को इस अभियान की प्राथमिक इकाई माना गया है। हर बार समस्याओं के निपटारे के लिए नए स्थानों का चयन किया जाएगा।
  • अनुभव के आधार पर होगा सुधार: अभियान शुरू होने के बाद शुरुआती एक-दो सप्ताह के अनुभवों और फीडबैक के आधार पर इसकी कार्यप्रणाली में और आवश्यक सुधार किए जाएंगे।

भ्रष्टाचार और लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई

इस अभियान का मुख्य उद्देश्य योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं को दूर करना और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाना है। सरकार ने स्पष्ट संकल्प जताया है कि अभियान के दौरान सामने आने वाले करप्शन (भ्रष्टाचार) और किसी भी तरह की प्रशासनिक अनियमितताओं पर किसी को बख्शा नहीं जाएगा और संबंधित दोषियों के खिलाफ तुरंत व सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

https://youtu.be/PyheCfzCiaw?si=d5HOK1bHkVx2jzH7

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