मुख्य सचिव अनुराग जैन (फाइल फोटो - सोशल मीडिया) 
भोपाल

मुख्य सचिव की कुर्सी पर मंथन: अनुराग जैन को मिलेगा एक्सटेंशन या मध्यप्रदेश को नया चीफ सेक्रेटरी?

Anurag Jain Extension: MP के मुख्य सचिव अनुराग जैन का कार्यकाल 31 अगस्त को खत्म हो रहा है। उन्हें सेवा विस्तार मिलेगा या राज्य को नया CS मिलेगा, इस पर मंथन जारी है। कई वरिष्ठ IAS इस रेस में शामिल हैं।

प्रीतेश जैन

MP Chief Secretary Appointment 2026: मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन का दूसरा कार्यकाल आगामी 31 अगस्त को समाप्त होने जा रहा है। ऐसे में प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि उन्हें एक और सेवा विस्तार मिलेगा या फिर राज्य को नया मुख्य सचिव मिलेगा। अंतिम फैसला केंद्र सरकार और राज्य सरकार के बीच समन्वय से होगा, जिसमें मुख्यमंत्री मोहन यादव की राय भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

यदि सरकार नए मुख्य सचिव की नियुक्ति का फैसला करती है, तो दावेदारों की सूची में कई वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के नाम शामिल हैं। इनमें डॉ. राजेश राजौरा, मनोज गोविल, अशोक बर्णवाल, मनु श्रीवास्तव, पंकज अग्रवाल, वीएल कांथाराव, नीलम शमी राव, संजय दुबे और नीरज मंडलोई प्रमुख रूप से चर्चा में हैं।

वरिष्ठता में राजौरा सबसे आगे

दावेदारों में 1990 बैच के आईएएस डॉ. राजेश राजौरा वरिष्ठता के आधार पर सबसे आगे हैं। उनके बाद 1991 बैच के मनोज गोविल, अशोक बर्णवाल और मनु श्रीवास्तव का नंबर आता है। हालांकि इन अधिकारियों में अधिकांश अगले वर्ष सेवानिवृत्ति की ओर बढ़ रहे हैं, जबकि मनोज गोविल के पास साल 2029 तक का कार्यकाल शेष है।

अल्पकालिक नियुक्ति बन सकती है चुनौती

प्रशासनिक सूत्रों का मानना है कि यदि डॉ. राजौरा, अशोक बर्णवाल, मनु श्रीवास्तव या केसी गुप्ता को मुख्य सचिव बनाया जाता है तो सरकार को कुछ ही महीनों बाद फिर नए मुख्य सचिव की तलाश करनी पड़ सकती है। डॉ. राजेश राजौरा मई 2027 में सेवानिवृत्त होंगे, अशोक बर्णवाल जनवरी 2027 में सेवानिवृत्त हो जाएंगे, जबकि मनु श्रीवास्तव का कार्यकाल सितंबर 2027 और केसी गुप्ता का कार्यकाल अगस्त 2027 तक शेष है। ऐसी स्थिति में प्रशासनिक निरंतरता बनाए रखने के लिए सरकार को सेवा विस्तार का विकल्प अपनाना पड़ सकता है।

नीरज मंडलोई के नाम पर प्रशासनिक समीकरण

मुख्यमंत्री मोहन यादव के अतिरिक्त मुख्य सचिव नीरज मंडलोई का नाम भी चर्चा में है, लेकिन यदि उन्हें मुख्य सचिव बनाया जाता है तो उनसे वरिष्ठ कई अधिकारियों को मंत्रालय से बाहर करना पड़ सकता है। यही कारण है कि उनके नाम पर प्रशासनिक स्तर पर सहमति बनना आसान नहीं माना जा रहा है।

सिंहस्थ 2028 और विधानसभा चुनाव होंगे अहम कारक

मुख्य सचिव के चयन में सिंहस्थ 2028 और उसके बाद होने वाले विधानसभा चुनाव भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। सरकार ऐसे अधिकारी को जिम्मेदारी देना चाहेगी जो लंबे समय तक प्रशासनिक नेतृत्व संभाल सके और बड़े आयोजनों के साथ चुनावी तैयारियों का समन्वय कर सके।

पंकज अग्रवाल सबसे मजबूत दावेदार

फिलहाल 1992 बैच के आईएएस पंकज अग्रवाल का नाम सबसे मजबूत दावेदार के रूप में उभर रहा है। वर्तमान में वे ऊर्जा मंत्रालय में सचिव के पद पर कार्यरत हैं। उनकी सेवानिवृत्ति वर्ष 2029 के अंत में प्रस्तावित है, जिससे उन्हें लंबा कार्यकाल मिल सकता है। साथ ही मालवा क्षेत्र से उनका संबंध भी उनके पक्ष में माना जा रहा है।

अनुराग जैन को मिल सकती है नई जिम्मेदारी

सूत्रों के अनुसार यदि अनुराग जैन को तीसरा कार्यकाल नहीं मिलता है तो केंद्र सरकार उन्हें दिल्ली में कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंप सकती है। वे पहले भी केंद्र सरकार में कई अहम पदों पर कार्य कर चुके हैं। उल्लेखनीय है कि अनुराग जैन को सितंबर 2024 में मध्यप्रदेश का मुख्य सचिव नियुक्त किया गया था। पहले कार्यकाल के दौरान ही उन्हें एक वर्ष का सेवा विस्तार दिया गया था। अब अगस्त के अंत तक होने वाले फैसले पर पूरे प्रशासनिक अमले की नजरें टिकी हुई हैं।

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