Bhopal Sealing Action : राजधानी भोपाल में नगर निगम की सीलिंग कार्रवाई के खिलाफ व्यापारियों का विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को कोलार क्षेत्र के मंदाकिनी चौराहे पर व्यापारियों ने अनोखे तरीके से प्रदर्शन किया। उन्होंने कारोबार बंद होने के विरोध में व्यापार की प्रतीकात्मक अर्थी निकाली और नगर निगम की कार्रवाई के खिलाफ अपना आक्रोश जताया।
प्रदर्शन कर रहे व्यापारियों का कहना है कि पिछले कई दिनों से शहर के अलग-अलग इलाकों में चल रही सीलिंग कार्रवाई का सबसे ज्यादा असर छोटे कारोबारियों पर पड़ रहा है। उनका आरोप है कि वर्षों से दुकान और कारोबार चला रहे लोगों के सामने अचानक रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। व्यापारियों का कहना है कि दुकानें बंद होने से परिवार का खर्च चलाना और बैंक लोन व EMI चुकाना मुश्किल हो जाएगा।
व्यापारियों ने कार्रवाई में भेदभाव का आरोप भी लगाया। उनका कहना है कि नगर निगम की कार्रवाई छोटे दुकानदारों पर तेजी से हो रही है, जबकि बड़े और प्रभावशाली व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को राहत मिल जाती है। व्यापारियों ने मांग की कि कार्रवाई में एक समान नीति अपनाई जाए और छोटे कारोबारियों को राहत दी जाए।
भोपाल में आवासीय क्षेत्रों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ नगर निगम की कार्रवाई के बाद व्यापारियों का आंदोलन लगातार व्यापक हो रहा है। व्यापारी संगठनों की मांग है कि सीलिंग कार्रवाई को रोका जाए और मिश्रित भू-उपयोग समेत कोई स्थायी नीति बनाई जाए, जिससे वर्षों से कारोबार कर रहे लोगों का रोजगार प्रभावित न हो।
मंदाकिनी चौराहे पर प्रदर्शन के दौरान व्यापारियों ने सरकार को राजनीतिक चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द फैसला नहीं हुआ तो आगामी चुनावों में इसका परिणाम सरकार को भुगतना पड़ सकता है। व्यापारियों ने कहा कि वह अपने कारोबार और परिवार की आजीविका बचाने के लिए आंदोलन को आगे भी जारी रखेंगे।
प्रदर्शन के दौरान कुछ व्यापारियों ने बेहद गंभीर चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा कि यदि सीलिंग कार्रवाई रोकने और प्रभावित कारोबारियों को राहत देने के लिए ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो वे परिवार की महिलाओं और बच्चों के साथ प्रशासन के सामने आत्मदाह जैसे कदम उठाने को मजबूर होंगे। इस चेतावनी के बाद प्रदर्शन की गंभीरता और बढ़ गई है।
भोपाल में सीलिंग कार्रवाई के खिलाफ व्यापारी पिछले कई दिनों से अलग-अलग तरीकों से विरोध दर्ज करा रहे हैं। थाली बजाने, सड़क पर प्रदर्शन और चक्काजाम के बाद अब व्यापार की प्रतीकात्मक अर्थी निकालकर विरोध किया गया है। व्यापारियों की मुख्य मांग सीलिंग कार्रवाई पर रोक लगाने और कारोबार के लिए स्थायी नीति बनाने की है। अब देखना होगा कि प्रशासन और सरकार इस बढ़ते आंदोलन को लेकर क्या कदम उठाते हैं।