

Indore’s Road Safety Crisis: इंदौर में बारिश के बीच नगर निगम की लापरवाही एक बार फिर सामने आई है। गाड़ी अड्डा क्षेत्र स्थित वाल्मीकि बस्ती के पास बुधवार को सड़क का एक हिस्सा अचानक धंस गया। सड़क धंसने के बाद मौके पर करीब 20 फीट गहरा गड्ढा दिखाई दिया। गनीमत रही कि जिस समय सड़क धंसी, वहां कोई वाहन या राहगीर मौजूद नहीं था, वरना बड़ा हादसा हो सकता था।
सड़क धंसने के बाद स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को दी। मौके पर पहुंची टीम ने आसपास बैरिकेडिंग कर रास्ते को सुरक्षित किया। स्थानीय लोगों के मुताबिक सड़क के नीचे लंबे समय से समस्या बनी हुई थी, लेकिन समय रहते इसकी जांच और मरम्मत नहीं की गई।
मौके पर निरीक्षण के दौरान यह बात सामने आई कि सड़क के नीचे ड्रेनेज लाइन से जुड़ा काम हुआ था। बताया गया कि लाइन का चैंबर भी आसपास मौजूद है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि सड़क के नीचे जमीन कमजोर होने के बावजूद नगर निगम ने इसकी मजबूती और सुरक्षा को लेकर पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं किए।
बारिश के दौरान सड़क के नीचे पानी जाने से जमीन के धंसने का खतरा और बढ़ जाता है। ऐसे में 20 फीट गहरे गड्ढे का अचानक सामने आना राहगीरों और वाहन चालकों के लिए गंभीर खतरा बन सकता था। हादसा नहीं होने को फिलहाल महज संयोग माना जा रहा है।
घटना ने नगर निगम की सड़क और ड्रेनेज व्यवस्था की निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सड़क निर्माण और ड्रेनेज लाइन के काम के बाद उसकी गुणवत्ता और जमीन की स्थिति की जांच कितनी गंभीरता से की गई, यह बड़ा सवाल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि निगम को हादसे का इंतजार करने के बजाय ऐसी जगहों की पहले से पहचान कर जरूरी मरम्मत और सुरक्षा व्यवस्था करनी चाहिए।
नगर निगम की टीम मौके पर पहुंचकर घटना की जांच कर रही है। जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि सड़क अचानक किस वजह से धंसी और इसके लिए जिम्मेदारी किसकी है। फिलहाल बैरिकेडिंग कर लोगों को गड्ढे से दूर रखा गया है।