भोपाल मेट्रो (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया) 
भोपाल

भोपाल मेट्रो की अंडरग्राउंड लाइन पर बढ़ा विवाद, मुस्लिम पक्ष के बाद अब हिंदू संगठनों ने खोला मोर्चा

Hindu Organizations On Metro Issue: भोपाल मेट्रो की अंडरग्राउंड लाइन को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। कब्रिस्तान को लेकर मुस्लिम पक्ष के बाद अब हिंदू पक्ष ने आपत्ति जताई है।

प्रीतेश जैन

Bhopal Metro Controversy: भोपाल में मेट्रो प्रोजेक्ट को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। भोपाल टॉकीज स्थित प्राचीन कब्रिस्तान के नीचे से प्रस्तावित अंडरग्राउंड मेट्रो लाइन गुजरने के मामले में मध्यप्रदेश राज्य वक्फ अधिकरण में सुनवाई जारी है। मामले में स्टे पर बहस के लिए 14 मई की तारीख तय की गई है, जिसमें मेट्रो प्रबंधन अपना पक्ष रखेगा। इस बीच हिंदू पक्ष ने भी आपत्ति जताना शुरू कर दिया है।

हिंदू उत्सव समिति और संस्कृति बचाओ मंच ने कहा कि विकास कार्यों में किसी भी धर्मस्थल को समुदाय के आधार पर अलग-अलग तरीके से नहीं देखा जाना चाहिए।

सभी समुदायों के लिए समान नियम हों

हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि यदि विकास कार्य में बाधक धर्मस्थलों को हटाने का फैसला लिया जाता है तो सभी समुदायों के लिए समान नियम होने चाहिए। अगर कब्रिस्तान और अन्य धर्म स्थल विकास कार्य में बाधक है और उन्हें नहीं हटाया जा रहा तो हिंदू धर्म स्थलों को भी हटाने नहीं दिया जाएगा। यदि विकास कार्य में बाधक बन रहे धर्मस्थलों को समुदाय के अनुसार गिना जाएगा तो इसे हिंदू उत्सव समिति बर्दाश्त नहीं करेगी।

सिर्फ हिंदुओं के धार्मिक स्थलों को नहीं हटाने देंगे

उन्होंने कहा कि भोपाल में मेट्रो की जरूरत है या नहीं? यह विधायक तय नहीं करेंगे। सरकार जरूरत के हिसाब से ये तय करती है। हिंदू समाज हमेशा से सहयोगी भूमिका निभाकर विकास कार्य में अपना सहयोग प्रदान करता है किंतु अगर सिर्फ हिंदू समाज के धार्मिक स्थलों को हटाया जाएगा तो यह उचित नहीं होगा और इन्हें हिंदू उत्सव समिति हटाने नहीं देगी।

मेट्रो प्रोजेक्ट पर रोक की मांग

दरअसल, कमेटी इंतेजामियां औकाफ-ए-आम्मा ने भोपाल टॉकीज स्थित कब्रिस्तान और नारियलखेड़ा की वक्फ जमीन पर मेट्रो निर्माण को लेकर दो अलग-अलग याचिकाएं दायर की हैं। याचिकाओं में मेट्रो निर्माण पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई है।

कब्रिस्तान को नुकसान की आशंका

याचिका में कहा गया है कि हमीदिया रोड स्थित मासूमा तकिया अम्मनशाह, मस्जिद नूरानी, मुल्लाशाह और अन्य पंजीकृत वक्फ कब्रिस्तान क्षेत्रों के नीचे से अंडरग्राउंड मेट्रो लाइन निकालने की योजना धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से संवेदनशील है। दावा किया गया है कि यह शहर के सबसे पुराने और बड़े कब्रिस्तानों में शामिल है, जहां हजारों कब्रें मौजूद हैं। मेट्रो प्रोजेक्ट से इन्हें नुकसान पहुंच सकता है।

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