

Bhopal Divorce Case: राजधानी भोपाल में पति-पत्नी के बीच शुरू हुआ एक मामूली घरेलू विवाद अब कोर्ट तक पहुंच गया है। मामला खाने की पसंद-नापसंद से शुरू हुआ, लेकिन धीरे-धीरे इतना बढ़ गया कि दोनों ने साथ रहने से इनकार कर दिया। अब मामले का समाधान कानूनी प्रक्रिया के जरिए तलाशा जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, पत्नी ने काउंसलिंग सेंटर पहुंचकर अपने पति पर मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना के आरोप लगाए। महिला का कहना था कि उसका पति उसके बनाए खाने में हमेशा कमियां निकालता है और छोटी-छोटी बातों पर विवाद करता है।
मामले की काउंसलिंग कर रहीं रीता तुली ने जब पति से बातचीत की तो उसने अपनी अलग दलील दी। पति का कहना था कि उसने शादी से पहले ही साफ कर दिया था कि उसे भिंडी और गीली सब्जियां बिल्कुल पसंद नहीं हैं। इसके बावजूद उसकी पत्नी बार-बार वही सब्जियां बनाती रही, जिससे घर में लगातार विवाद होने लगा।
काउंसलिंग सेंटर में दोनों के बीच कई दौर की बातचीत कराई गई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका। फॉलोअप सेशंस में भी पति अपनी शिकायत पर कायम रहा, जबकि पत्नी ने पति के व्यवहार को प्रताड़ना बताया। आखिरकार दोनों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि उन्होंने साथ रहने से मना कर दिया। मामला अब कोर्ट पहुंच चुका है, जहां कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मध्य प्रदेश में पारिवारिक विवाद और तलाक के मामलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2023 में प्रदेश में फैमिली कोर्ट से जुड़े करीब 27 हजार से अधिक मामले दर्ज हुए थे, जबकि 2024 में यह संख्या बढ़कर 32,874 तक पहुंच गई।
राजधानी भोपाल में वर्ष 2024 के दौरान 3,549 तलाक के आवेदन दायर किए गए, जबकि इंदौर में यह आंकड़ा 4,174 रहा। विशेषज्ञों का मानना है कि छोटी-छोटी घरेलू बातों को लेकर बढ़ते तनाव और आपसी संवाद की कमी रिश्तों में दरार की बड़ी वजह बन रही है।